Latest news
प्रदेश में 23 अक्टूबर से शुरु होगी ईवीएम मशीनों की प्रथम स्तरीय जांच विकास परियोजनाओं की बाधाओं को दूर करने के लिए विभागीय समन्वय एवं समयबद्ध कार्यवाही पर जोर मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री ने यूपीईएस के 24वें दीक्षांत समारोह में किया प्रतिभाग मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक 23 अक्टूबर से उत्तराखण्ड में फिर मौसम के करवट लेने के आसार देहरादून में पहली बार नए और भव्य परिसर में होगा विरासत महोत्सव पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी ने की कई घोषणाएं, 1600 पदों को जल्द भरने का ऐलान स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तह्त शहर में चला विशेष सफाई अभियान, 40 टन कूड़ा उठाया गया राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प

[t4b-ticker]

Friday, October 23, 2026
Homeउत्तराखण्ड70 गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये

70 गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये

देहरादून। विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में गन्ना विकास मंत्री सौरभ बहुगुणा द्वारा नव चयनित गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण तथा राज्य में गन्ने की फसल को रेड रौट रोग से हुई हानि एवं विभाग द्वारा किये गये सुरक्षा उपायों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। गन्ना विकास मंत्री ने कहा कि बहुत समय से गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों जैसे उद्यमसिंह नगर तथा हरिद्वार में गन्ना पर्यवेक्षकों की कमी देखी जा रही थी जिसको देखते हुए गन्ना विकास विभाग में 70 गन्ना पर्यवेक्षकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये गये हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि गन्ना पर्यवेक्षकों के पदों को भरे जाने के फलस्वरूप गन्ना विकास विभाग के कार्यों के निष्पादन में तेजी आयेगी तथा अनेक सरकारी योजनाओं का लाभ भी किसानों को ससमय मिल पायेगा।
मंत्री ने कहा कि काशीपुर, नादेही और बाजपुर में रेड रौट फंग्स के कारण गन्ने की फसल को बहुत ज्यादा नुकसान देखने को मिला है, जिसका असर कई चीनी मिलों मुख्यतः नादेही, बाजपुर और हरिद्वार स्थित कुछ चीनी मिलों पर भी पाया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी सत्र को देखते हुए बीज वितरण तथा किसानों को रेड रौट फंग्स के बारे में जागरूक करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
मंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में गन्ना किसानों द्वारा अधिक उपयोग में लाया जाने वाला गन्ने का बीज ’0238’ रेड रौट फंग्स से सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। उन्होंने गन्ने के बीज ’0238’ को रिप्लेस करने, क्रॉप रोटेशन तथा किसानों को बेहतर बीज उपलब्ध कराने हेतु भी अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि रेड रौट फंग्स की रोकथाम हेतु पन्तनगर विवि द्वारा गन्ना बाहुल्य क्षेत्रों का सर्वे कराया गया है जिसकी रिपोर्ट के अनुसार ही किसानों को उत्तम बीज उपलब्ध कराये जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। बैठक में सचिव गन्ना विकास, रणवीर सिंह चौहान, आयुक्त गन्ना विकास, चन्द्र सिंह धर्मसत्तू तथा अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments