Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डसरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन से बढ़ा राजस्व

सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन से बढ़ा राजस्व

देहरादून। उत्तराखंड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर ने कहा है कि राज्य सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन से राजस्व लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार को मीडिया सेंटर में आयोजित पत्रकार वार्ता में विश्वास डाबर ने कहा कि राज्य सरकार लगातार पूंजीगत परिव्यय बढ़ा रही है, 2019-20 में राज्य का पंजीगत परिव्यय 5414 करोड़ रुपए था जो 2024-25 में बढ़कर  करीब 11 हजार करोड़ रहा। सरकार इसे नए वित्तीय वर्ष में 15 हजार करोड़ के पार ले जाने का प्रयास कर रही है। जबकि दूसरे हिमालयी राज्य इस मोर्चे पर उत्तराखंड से बहुत पीछे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य कर भी बढ़कर वित्तीय वर्ष 2024-25  में 9256 करोड़ रुपए पहुंच गया है, जो गत वर्ष की तुलना में 11.5 प्रतिशत अधिक है। इसी तरह आबकारी से गत वर्ष 4041 करोड़ रुपए के बजाय 2024-25 में 4300 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। साथ ही खनन राजस्व भी 2019-20 में 397 करोड़ के मुकाबले 2024-25 में 1035 करोड़ से अधिक पहुंच चुका है जो गत वर्ष 646 करोड़ रुपए था, गत वर्ष की तुलना ही खनन राजस्व में 60 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। आंकड़े बताते हैं कि सरकार ने कर चोरी पर लगाम कसा है। अवैध खनन पर रोक के लिए परिवहन विभाग लगातार कार्यवाही कर रहा है, इसीक्रम में वित्तीय वर्ष 2024-25 में फरवरी माह तक ही 335798 माल वाहक वाहनों की जांच कर 53360 का चालान और 5571 वाहनों को सीज किया गया । इसी तरह 1277 ट्रैक्टर ट्राली का चालान कर 563 को सीज किया गया, यही नहीं 48252 मालवाहक वाहनों में ओवरलोडिंग के कारण, वाहन चालक का डीएल निलंबित किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार पर्यावरण अनुकूल नीतियों के साथ काम कर रही है, यही कारण है कि एसडीजी सूचकांक में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments