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Thursday, October 22, 2026
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उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम घोटाले की जांच पकड़ेगी रफ्तार

देहरादून। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के पूर्व अधिकारियों की ओर से निर्माण कार्यों में किए 136 करोड़ रुपए घोटाले की जांच के लिए आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने एसआईटी गठित कर दी गई है। इतना ही नहीं एसआईटी को हर 15 दिन में विवेचना की प्रगति रिपोर्ट दून एसएसपी को उपलब्ध कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। इन मुकदमों की विवेचना का पर्यवेक्षण एसपी सिटी देहरादून की ओर से किया जाएगा।
बता दें कि उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक और परियोजना महाप्रबंधक पर सहायक लेखाधिकारी के साथ मिलकर विभिन्न निर्माण कार्यों में 136 करोड़ रुपए का घोटाला करने का आरोप लगा है। साल 2012 से लेकर 2018 के बीच हुए इस घोटाले की परतें तब खुली, जब साल 2019 में मामले की जांच हुई।
मामले में उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम इकाई 1 देहरादून के अपर परियोजना प्रबंधक सुनील कुमार मलिक ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिस पर नेहरू कॉलोनी थाने में घोटाले संबंधी 6 मुकदमे दर्ज किए गए। जिसमें 5 आरोपी बनाए गए हैं। साल 2012 से 2018 के बीच उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम को उत्तराखंड सरकार की ओर से करोड़ों रुपए के प्रोजेक्ट दिए गए थे।
इनमें कौशल विकास और सेवायोजन विभाग उत्तराखंड में 15 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण, डिजास्टर रिलीफ सेंटर के निर्माण कार्य, पर्यटन विभाग के निर्माण कार्य, दून मेडिकल कॉलेज का ओपीडी ब्लॉक, एकीकृत औद्योगिक एस्टेट सुविधाओं के अंतर्गत स्ट्रीट लाइट (बैकअप एनर्जी प्रोजेक्ट) का निर्माण समेत अन्य कार्य शामिल था।
आरोप है कि करीब 6 साल के बीच हुए निर्माण कार्यों में यूपी राजकीय निर्माण निगम निगम के तत्कालीन अधिकारियों ने लेखा अधिकारी के साथ मिलीभगत करके करोड़ों रुपए का घोटाला किया। जिसके तहत नेहरू कॉलोनी थाने में वित्तीय अनियमितताओं और गबन के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए। आरोप है कि इस घोटाले के मुख्य आरोपी पूर्व महाप्रबंधक शिव आसरे शर्मा ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर जारी धनराशि से ज्यादा खर्च कर डाला और एक कार्य का धन दूसरी जगह भी खर्च होना दर्शाया गया। साथ ही एक प्रोजेक्ट में जमीन लिए बिना ही करोड़ों रुपए का भुगतान भी कर दिया। आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र राजीव स्वरूप ने कहा कि थाना नेहरू कॉलोनी में दर्ज 136 करोड़ रुपए के घोटाले संबंधी 6 मुकदमों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित की गई है। इन मुकदमों की विवेचना का पर्यवेक्षण एसपी सिटी देहरादून की ओर से किया जाएगा।साथ ही विवेचनाओं में हुई प्रगति की रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए हैं।

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