Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डअंकिता भंडारी के हत्यारों को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

अंकिता भंडारी के हत्यारों को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

कोटद्वार। वनंतरा प्रकरण में 26 माह तक चली सुनवाई के बाद शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने भाजपा के पूर्व नेता विनोद आर्य के बेटे समेत तीन को युवती की हत्‍या दोषी करार दिया है।
वनंतरा प्रकरण के तीनों आरोपितों को हत्या का दोषी करार देते हुए एडीजे की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों पर 50-50 हजार का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। इनमें रिजॉर्ट स्वामी पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भाष्कर व सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता उर्फ पुलकित शामिल हैं। सरकार पीड़िता के स्वजन को चार लाख का प्रतिकर देगी। कोर्ट ने तीनों आरोपियों रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को हत्या के मामले में दोषी करार दिया है। इन पर 302, 201, 354, धाराओं में दोष सिद्ध हुआ है।
तीनों हत्यारोपियों वनंत्रा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, उसके कर्मचारी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर आरोप तय होने के बाद 28 मार्च, 2023 से अभियोजन पक्ष की गवाही शुरू हुई। करीब दो साल और आठ महीने तक चली सुनवाई में अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचक समेत 47 गवाह अदालत में परीक्षित कराए गए। हालांकि एसआईटी ने इस मामले में 97 गवाह बनाए थे, जिनमें से 47 अहम गवाहों को ही अदालत में पेश कराया गया।
इस मामले में जांच में जुटी एसआईटी टीम ने 500 पन्ने की चार्जशीट दाखिल की थी। करीब ढाई साल बाद अंकिता भंडारी हत्याकांड का फैसला आया है। कोर्ट के जजमेंट से पहले अंकिता भंडारी की मां और पिताजी का बयान सामने आया। अंकिता की मां सोनी देवी कोर्ट का फैसला आने से पहले फूट फूटकर रो पड़ीं और अंकिता के लिए इंसाफ की मांग की.। उन्होंने कहा कि वो चाहती हैं कि अंकिता के हत्यारों को फांसी की सजा हो। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने भी लोगों से अपील की है कि वो अंकिता को इंसाफ दिलाने में उनके साथ खड़े रहें और तीनों आरोपियों को मौत की सजा मिले। गौरतलब है कि उत्तराखंड के पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट गांव की रहने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी ऋषिकेश के पास गंगा भोगपुर में वनंतरा रिज़ॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम किया करती थी। बीते 18 सितंबर 2022 को अंकिता अचानक रिसोर्ट से लापता हो गई। परिजनों ने राजस्व पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई लेकिन उचित कार्यवाही ना होने के चलते. 21 सितंबर 2022 को मामला लक्ष्मण झूला थाना पुलिस को ट्रांसफर किया गया। 21 सितंबर 2022 को मुख्य आरोपी रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य, मैनेजर सौरभ भास्कर और डिप्टी मैनेजर अंकित गुप्ता की गिरफ्तारी हुई। बीते 24 सितंबर 2022 को अंकिता का शव ऋषिकेश की चीला नहर से बरामद हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत और शरीर पर चोट के निशान भी पाए गए। 24 सितंबर 2022 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर टीम का गठन किया गया। अंकिता हत्याकांड के मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के पिता पूर्व राज्य मंत्री विनोद आर्य, और उसके भाई अंकित आर्य को पद मुक्त करते हुए भाजपा से निष्कासित कर दिया गया।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments