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Thursday, July 23, 2026
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अतिवृष्टि के चलते खतरे के निशान पर बह रही अलकनंदा व मंदाकिनी

रुद्रप्रयाग। पर्वतीय जिला रुद्रप्रयाग में पिछले 36 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण हालात अस्त व्यस्त हो गए हैं। अलकनंदा नदी के उफान में आने के कारण नदी किनारे स्थित सभी आवश्यक घरों को खाली करवा दिया गया है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा एवं मंदाकिनी नदी खतरे के निशान को पार करते हुए बह रही हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ हाईवे भी जगह-जगह बंद हो गए हैं और यात्री जहां-तहां फंसे हुए हैं।
पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश के कारण अफरा तफरी का माहौल बन गया है। जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। बदरीनाथ हाईवे रात से ही सिरोबगड़ में बंद है। हाईवे के दोनों छोरों पर भारी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। प्रशासन यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील कर रहा है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी विकराल रूप धारण करके बह रही है। नदी किनारे के स्थित सभी आवासीय घरों को कल रात ही खाली कर दिया गया है। अलकनंदा एवं मंदाकिनी नदी ने अपने खतरे के निशान को पार कर दिया है।
अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी का प्रभाव श्रीनगर में देखा जा रहा है। श्रीनगर में भी अलकनंदा नदी का रौद्र रूप देखा जा रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने से श्रीनगर में नदी किनारे बने घाटों तक पानी पहुंच गया है, जिससे स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने नदी तटों पर रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही लोगों से नदी के किनारे न जाने की अपील की है। रुद्रप्रयाग के बांगर पट्टी के दो दर्जन गांवों को जोड़ने वाला मयाली रणधार- मोटरमार्ग पर स्थित मोटरपुल बरसाती गधेरे के बहाव में बह गया है। जिस कारण हजारों की आबादी घरों में ही कैद हो गई है। ग्रामीणों के सामने तमाम प्रकार की समस्याएं पैदा हो गई हैं। रुद्रप्रयाग जिले में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह 10 बजे की स्थिति के अनुसार अलकनंदा नदी 625.20 मीटर और मंदाकिनी नदी 624.15 मीटर के जलस्तर पर बह रही है। जबकि अलकनंदा का वार्निंग लेवल 626.00 मीटर और मंदाकिनी का 625.00 मीटर निर्धारित है। दोनों नदियों का जलस्तर अब चेतावनी स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने जानकारी देते हुए बताया कि नदियों के किनारे रह रहे लोगों को समय-समय पर लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी दी जा रही है। साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश भी जारी किए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता विजय पाल कैंतुरा ने जानकारी देते हुए बताया कि रविवार सुबह 8 बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 534.40 मीटर दर्ज किया गया, जो कि खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे है। उन्होंने कहा कि ऊपरी इलाकों में बारिश जारी है। जिसके कारण श्रीनगर जलविद्युत परियोजना से भी अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है।

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