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Monday, September 7, 2026
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अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में कार्य किये जाएं

देहरादून। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष ध्यान दिया जाए। अस्पतालों में आवश्यक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण की दिशा में कार्य किये जाए। यह सुनिश्चत किया जाए कि अस्पताल रेफरल सेंटर न बनें। जन स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा ओनरशिप लेकर कार्य किये जाए। ये निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को दिये। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिये कि स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने और अस्पतालों में जन स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग की अलग से बैठक करें। स्वास्थ्य विभाग के तहत मुख्यमंत्री घोषणाओं की अद्यतन स्थिति से भी अवगत कराने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए टेलीमेडिसिन के माध्यम से सुपर स्पेशलिस्ट को मेडिकल कॉलेज से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है।
आयुष विभाग की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि उत्तराखण्ड में दो स्पिरिचुअल जोन बनाये जाने की सीएम घोषणा के क्रियान्वयन की कार्यवाही में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि योग, वेलनेस और आयुष हमारी विरासत है, राज्य में हेल्थ और वेलनेस के अच्छे सेंटर बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किये जाएं। राज्य में वेलनेस सेंटर और वेलनेस टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक साल का लक्ष्य बनाकर कार्य किया जाए। पुराने हेल्थ और वेलनेस सेंटरों के उन्नयन की दिशा में भी कार्य किये जाएं। जीएमवीएन, केएमवीएन और वाइब्रेंट विलेज में भी हेल्थ और वेलनेस सेंटरों की संभावनाओं पर कार्य किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य की योग नीति के तहत योग निदेशालय की स्थापना की जायेगी योग केन्द्रों का पंजीकरण किया जायेगा। नये योग केन्द्रों को प्रोत्साहित किया जायेगा। राज्य में निवेशक सम्मेलन के बाद आयुष के क्षेत्र में 1100 करोड़ रूपये की ग्राउंडिंग शुरू हो चुकी है। प्रदेश में 300 आयुष्मान आरोग्य मंदिर को एन.ए.बी.एच के मानकों के अनुरूप  उच्चीकृत कराया जा रहा है। 149 आयुष्मान आरोग्य मंदिर का एन.ए.बी.एच प्रमाणीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। समीक्षा के दौरान वर्चुअल माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जुड़े थे। बैठक में उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव आर राजेश कुमार, दीपेन्द्र चौधरी, श्रीधर बाबू अदांकी, निदेशक आयुष विजय कुमार जोगदण्डे, महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. सुनीता टम्टा, निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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