Latest news
पर्वतारोहियों का साहस, अनुशासन और टीम भावना युवाओं के लिए प्रेरणादायीः मुख्यमंत्री राजस्व न्यायालयों के लंबित वादों पर डीएम सख्त, स्मार्ट मॉनिटरिंग से तय होगी जवाबदेही मुख्यमंत्री ने हल्दीघेरा, खटीमा में 7.23 करोड़ की लागत से निर्मित गौशाला का किया लोकार्पण स्थायित्व और विकास चाहती है उत्तराखण्ड की जनताः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 39.87 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी मुख्य सचिव ने बद्रीनाथ-केदारनाथ मास्टर प्लान के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की टिहरी झील को ग्लोबल डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने को लेकर मुख्य सचिव ने ली बैठक पांच साल में राज्य में फिल्म निर्माताओं ने फिल्म शूटिंग पर खर्च किये गए 1759 करोड़ रुपए 15 अक्टूबर तक गड्ढामुक्त होंगी उत्तराखंड की सड़कें, हर जिले में युद्धस्तर पर चल रहा कार्य पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शिक्षा के समन्वय का बनेगा सशक्त केंद्रः सीएम

[t4b-ticker]

Friday, September 25, 2026
Homeउत्तराखण्डसैनिकों और उनके परिवारों की हितैषी राज्य सरकार

सैनिकों और उनके परिवारों की हितैषी राज्य सरकार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में प्रदेश सरकार ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान और कल्याण के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। अमर बलिदानियों की स्मृति में देहरादून में भव्य शौर्य स्थल (सैन्य धाम) का निर्माण कार्य अंतिम चरण है। इस सैन्य धाम में प्रदेश भर की 28 नदियों का जल और शहीद सैनिकों के घरों से लाई गई मिट्टी को समाहित किया गया है।
राज्य सरकार ने शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि को ₹दस लाख से बढ़ाकर ₹50 लाख कर दिया है। वीरता पुरस्कारों से अंलकृत सैनिकों को दी जाने वाली एकमुश्त तथा वार्षिक धनराशि को भी बढ़ाया गया है। परमवीर चक्र विजेताओं की अनुग्रह राशि अब पचास लाख से बढाकर  डेढ़ करोड़ रुपए कर दी गई है। पूर्व सैनिक वीरांगनाओं और पुत्री को ड्रोन दीदी के रूप में ड्रोन संचालन का रोजगारपरक प्रशिक्षण देने का फैसला किया गया है। सरकार के द्वारा 60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके पूर्व सैनिकों, सैनिक वीरांगनाओं और वीर नारियों को बद्रीनाथ धाम की निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी प्रदान की गई है।
राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में लिए जाने की व्यवस्था की गई है। अब तक शहीदों के 37 आश्रितों को सरकारी नौकरी प्रदान की जा चुकी है। इस योजना के तहत सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने की अवधि को भी दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया है। अग्निवीरों को पुलिस, परिवहन, वन और अन्य विभागों की भर्तियों में 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण देने की धामी सरकार तैयारी कर रही है। इस संबंध में प्रस्ताव कैबिनेट की मंजूरी के लिए लाया जाएगा। अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को इसका लाभ मिलेगा।
वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को उत्तराखण्ड रोडवेज की बसों में निःशुल्क यात्रा सुविधा के साथ ही सेवारत और पूर्व सैनिकों को ₹25 लाख तक के मूल्य की स्थायी संपत्ति की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी में 25 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। पुत्री विवाह अनुदान जैसी अनेक योजनाएं संचालित कर राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों व उनके आश्रितों के कल्याण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश भर में शहीद स्मारकों का निर्माण किया जा रहा है। स्कूल और सड़कों का शहीदों के नाम पर नामकरण किया गया है। खटीमा में सैनिक मिलन केंद्र एवं सीएसडी कैंटीन का निर्माण और टनकपुर में आधुनिक सुविधाओं से युक्त भव्य सैनिक विश्राम गृह का निर्माण किया जा रहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments