Latest news
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंः डीएम सैनिक जीवन भर सैनिक ही रहता है,वो पूर्व और भूतपूर्व नही होताः धामी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की मां अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना युवा शक्ति के सामर्थ्य से बनेगा विकसित उत्तराखंडः मुख्यमंत्री धामी भारतरत्न पं. गोविन्द बल्लभ पन्त को उनकी जयंती पर ऊर्जा भवन में याद किया गया डिजिटल डिवाइड डेटा ने देहरादून में एआई और रोबोटिक्स ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोला सीएम ने हल्द्वानी स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर अमर शहीदों को किया नमन नशा मुक्ति अभियान का शुभांरभ, 30 सितंबर तक चलेगा नशामुक्ति का विशेष शपथ अभियान 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मिलेगी नई गतिः डॉ. धकाते

[t4b-ticker]

Friday, September 11, 2026
Homeउत्तराखण्डमुख्य सचिव ने प्रदेश में बैराज, चेकडैम एवं जलाशयों के निर्माण एवं...

मुख्य सचिव ने प्रदेश में बैराज, चेकडैम एवं जलाशयों के निर्माण एवं संतृप्तिकरण की प्रगति की समीक्षा की

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में सिंचाई, लघु सिंचाई सहित जल स्रोत एवं नदी पुनर्जीवीकरण प्राधिकरण के साथ प्रदेश में बैराज, चेकडैम एवं जलाशयों आदि के निर्माण एवं संतृप्तिकरण की प्रगति की समीक्षा की। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेशभर में चौकडैम और बैराज के लिए अगले 5 वर्षों का प्लान तैयार किया जाए। साथ ही, टाईमलाईन के साथ कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए। मुख्य सचिव ने सिंचाई, लघु सिंचाई एवं जलश्रोत एवं नदी पुनर्जीवीकरण प्राधिकरण द्वारा कराए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि चौकडैम और बैराज से प्रदेशभर को संतृप्त किया जाना है। उन्होंने निर्देश दिए कि नदियों में बैराज बनाकर प्रदेशभर को संतृप्त किया जाए। कहा कि पेयजल की कम उपलब्धता वाले स्थानों को प्राथमिकता पर लेते हुए बैराज बनाए जाएं।
मुख्य सचिव ने कहा कि चौकडैम बनाए जाने के लिए विभागों द्वारा जलश्रोत एवं नदी पुनर्जीवीकरण प्राधिकरण की गाइडलाइन्स का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने चौकडैम बनाए जाने के लिए जल ग्रहण क्षेत्र और जलश्रोतों के उपचार पर भी फोकस किया जाना चाहिए। कहा कि चौकडैम भूजल स्तर को सुधारने के साथ ही मानसून सीजन में धराली जैसी घटनाओं को रोकने में भी कारगर हो सकते हैं।
मुख्य सचिव ने कहा कि बैराज और चौकडैम की सूची तैयार कर प्राथमिकता तय की जाए। पेयजल एवं सिंचाई वाली योजनाओं को प्राथमिकता पर लिया जाए। साथ ही, उन्होंने शहरी क्षेत्रों में भूजल पुनर्भरण के लिए भी प्राधिकरण को लगातार कार्य किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जैव-अनुकूल तकनीक को भी अपनाए जाने की बात कही। मुख्य सचिव ने प्रदेश में जलाशयों के निर्माण कार्य में भी तेजी लाए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जलाशय निर्माण में तेजी लाए जाने हेतु सचिव सिंचाई को साप्ताहिक समीक्षा किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी के सतपुली बैराज को शीघ्र पूर्ण किए जाने और जनपद नैनीताल में प्रस्तावित खैराना बैराज का निर्माण कार्य को शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान सिंचाई, लघु सिंचाई एवं जलश्रोत एवं नदी पुनर्जीवीकरण प्राधिकरण द्वारा किए जाने रहे कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इस अवसर पर सचिव दिलीप जावलकर, युगल किशोर पंत एवं अपर सचिव हिमांशु खुराना सहित सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments