Latest news
युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण नदियों में कूड़ा डालने वालों पर होगी एफआईआर की कार्रवाई स्वास्थ्य महानिदेशक ने समयबद्ध कार्य-निस्तारण एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के दिए निर्देश गो हत्यारों और नशा तस्करों के घरों पर चला बुलडोजर लोक भवन में राज्यपाल ने शिक्षकों को शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार से किया सम्मानित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने किया प्रतिभ... राज्यपाल ने शिक्षक दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं

[t4b-ticker]

Sunday, September 6, 2026
Homeउत्तराखण्डसीएम ने लगातार आ रही शिकायतों के बाद दिए कड़ाई ने निर्देशों...

सीएम ने लगातार आ रही शिकायतों के बाद दिए कड़ाई ने निर्देशों के पालन के आदेश

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रहे डेमोग्राफिक चेंज एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। ऐसे में डेमोग्राफिक चेंज को लेकर राज्य सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। मुख्य रूप से प्रदेश में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज को लेकर जहां एक ओर प्रदेश भर में वेरिफिकेशन ड्राइव चलाए जा रहा है। दूसरी ओर राशन कार्ड धारकों की भी जांच की जा रही है। इसके अलावा, सरकार ने पिछले तीन सालों में बने स्थाई निवास प्रमाण पत्रों की जांच करने के साथ ही उत्तर प्रदेश से लगाते हुए क्षेत्र में रह रहे लोगों की वोटर आईडी का सत्यापन कराने की भी बात कही है।
उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेज और अवैध बस्तियों का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार, प्रदेश में हो रहे डेमोग्राफिक चेंज को लेकर तमाम तरह के कदम उठा रही है। जिसकी शुरुआत राज्य सरकार ने सख्त भू- कानून लागू करके किया है। इसके साथ ही प्रदेश में कालनेमि अभियान भी चलाया गया। यही नहीं, डेमोग्राफिक चेंज पर लगाम लगाए जाने को लेकर उत्तराखंड सरकार ने देवभूमि परिवार योजना को लागू करने जा रही है। जिस पर हाल ही में हुए मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान मंजूरी मिल चुकी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कई बार डेमोग्राफिक चेंज को लेकर बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा उत्तराखंड के मूल स्वरूप को बदलने नहीं दिया जाएगा।
उत्तराखंड में डेमोग्राफिक चेंज एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रदेश के शहरी क्षेत्र में बाहरी लोगों के जनसंख्या का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। जिससे राज्य की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक ढांचा और संसाधन प्रभावित हो रहे हैं। प्रदेश में फर्जी दस्तावेज तैयार कर, राशन कार्ड आधार कार्ड बनवाने के साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने जैसे तमाम मामले भी सामने आ चुके हैं। यही वजह है कि राज्य सरकार ने डेमोग्राफिक चेंज रोकने के लिए तमाम प्रशासनिक कार्रवाइयां चला रही है। जिसमें मुख्य रूप से सत्यापन अभियान के तहत फर्जी दस्तावेजों की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बड़े पैमाने पर सूचनाएं आ रही हैं कि दस्तावेजों को बनाने में गड़बड़ियां की गई हैं, जो लोग पात्र नहीं थे उनको भी पात्रता की श्रेणी में लाया गया है। जिसके चलते गलत तरीके से राशन कार्ड, बिजली के कनेक्शन दे दिए गए हैं, आधार कार्ड बन गए हैं। इसके साथ ही पहचान पत्र दे दिए गए हैं। ऐसे में वो सभी जांच के दायरे में आएंगे, जिस पर कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएम धामी ने कहा कुछ जगहों पर ये भी शिकायतें आ रही हैं कि उत्तराखंड उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे हुए क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के दो-दो जगहों के वोटर आईडी बने हुए हैं। जिसके सत्यापन का काम भी प्रदेश में चलाया जाएगा। इन क्षेत्रों में उधमसिंह नगर, चंपावत, नैनीताल, हरिद्वार, देहरादून और पौड़ी शामिल है।
सीएम धामी ने कहा प्रदेश की डेमोग्राफी में जो बड़े पैमाने पर परिवर्तन देखा गया है वो उत्तराखंड राज्य के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है। उस पर लगाम लगाने के लिए सख्ती से प्रशासन काम करेगा। जिन लोगों ने भी अपात्र लोगों को पात्र श्रेणी में लाने का काम किया है, उन पर भी जांच शुरू होगी और उस पर भी काम आगे बढ़ेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments