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Thursday, July 23, 2026
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ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में आयोजित 8वें ज्योतिष महाकुंभ में मुख्यमंत्री धामी हुए शामिल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में आयोजित 8वें ज्योतिष महाकुंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर पंडित पुरुषोत्तम गौड़ को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। साथ ही अन्य ज्योतिष आचार्यों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आयोजन प्राचीन एवं दिव्य ज्ञान में निहित वैज्ञानिक रहस्यों को आमजन तक पहुँचाने का एक सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल मानव जीवन की जटिलताओं और सामाजिक समस्याओं के समाधान के साथ राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए सार्थक मार्गदर्शन प्रदान करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म का अद्वितीय संगम देखने को मिलता है। सनातन संस्कृति केवल आस्था और विश्वास पर आधारित नहीं है, बल्कि यह गहन वैज्ञानिक दृष्टिकोण, चिंतन और शोध का परिणाम है। ज्योतिष भारत का एक अत्यंत समृद्ध, गूढ़ और वैज्ञानिक शास्त्र है। ऋषि-मुनि केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे उच्च कोटि के वैज्ञानिक भी थे।
उन्होंने कहा कि आर्यभट्ट ने खगोल विज्ञान और गणित में क्रांतिकारी सिद्धांत स्थापित किए, महर्षि पराशर ने ज्योतिष शास्त्र को वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया, वराहमिहिर ने खगोल विज्ञान को समृद्ध किया और भृगु मुनि ने भविष्य कथन एवं कालगणना की परंपरा को आगे बढ़ाया। जिन खगोलीय घटनाओं को समझने के लिए आज आधुनिक विज्ञान विशाल यंत्रों का सहारा लेता है, उनके मूल सिद्धांत हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों वर्ष पूर्व ही स्थापित कर दिए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब नासा भी यह स्वीकार करने लगा है कि भारतीय ज्योतिष विज्ञान के माध्यम से कई भौगोलिक और खगोलीय घटनाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है। ज्योतिष शास्त्र भौतिक जीवन, आध्यात्मिक चेतना और दैविक व्यवस्था के बीच संतुलन स्थापित करता है तथा यह सिखाता है कि मानव जीवन और ब्रह्मांड एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि आज विश्व भर में ज्योतिष और वास्तु शास्त्र का व्यापक अध्ययन हो रहा है। इस पवित्र ज्ञान को पूरी जिम्मेदारी के साथ समाज के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि यह जनकल्याण का माध्यम बने। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सनातन संस्कृति की पताका पूरे विश्व में लहरा रही है और भारत की प्राचीन संस्कृति, दर्शन, ज्ञान और विज्ञान से दुनिया परिचित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड को देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसके अंतर्गत दून विश्वविद्यालय में सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज की स्थापना की गई है। साथ ही आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना की जा रही है। राज्य में ज्योतिष विद्या को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड ज्योतिष परिषद का भी गठन किया गया है, जिससे युवा पीढ़ी प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान से जुड़ सके।
कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती महाराज, ग्राफिक एरा ग्रुप के अध्यक्ष कमल घनसाला, अमर उजाला के संपादक अनूप बाजपेई सहित अनेक ज्योतिषाचार्य एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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