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Thursday, July 23, 2026
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उत्तराखण्ड में पहली बार पीएलएफएस सर्वेक्षण शुरू, रोजगार आंकड़ों का होगा सटीक आकलन

देहरादून। अर्थ एवं संख्या निदेशालय, उत्तराखण्ड (नियोजन विभाग) द्वारा पीएलएफएस के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आज शोध विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान (आईआरडीटी), सर्वे चौक, देहरादून में किया गया। यह सर्वेक्षण भारत सरकार के सांख्यिकी कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन मंत्रालय की सामाजिक-आर्थिक इकाई के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।
भारत सरकार वर्ष 2017 से च्स्थ्ै का संचालन कर रही है, जबकि उत्तराखण्ड सरकार द्वारा इस सर्वेक्षण को पहली बार राज्य के सभी जनपदों में किया जा रहा है। यह सर्वेक्षण राज्य के ग्रामीण एवं नगरीय दोनों क्षेत्रों में संचालित होगा और इसे अर्थ एवं संख्या विभाग के जनपद एवं विकासखण्ड स्तरीय कार्मिकों द्वारा समयबद्ध कार्यक्रम के तहत संपादित किया जाएगा।
सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य राज्य में श्रम बल भागीदारी दर एवं बेरोजगारी दर का आकलन करना है। इसके माध्यम से रोजगार की वास्तविक स्थिति का व्यापक विश्लेषण संभव हो सकेगा, साथ ही संगठित एवं असंगठित क्षेत्रों में रोजगार से होने वाली आय का भी निर्धारण किया जा सकेगा।
कार्यक्रम का उद्घाटन निदेशक अर्थ एवं संख्या सुशील कुमार ने किया। उन्होंने प्रशिक्षण की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि आंकड़ों का संकलन अत्यंत सावधानी और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि राज्य की विकास योजनाओं के लिए विश्वसनीय आधार तैयार हो सके। इस अवसर पर अपर निदेशक पंकज नैथानी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में संयुक्त निदेशक डॉ. दिनेश बडोनी एवं चित्रा, डॉ. ईला पन्त बिष्ट, उप निदेशक निर्मल कुमार शाह एवं लालित मोहन जोशी, अर्थ एवं संख्याधिकारी श्री अशोक कुमार तथा अपर सांख्यिकी अधिकारी नरेन्द्र सिंह सहित सभी जनपदों के अधिकारी और विकासखण्डों के सहायक संख्याधिकारी उपस्थित रहे।

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