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Thursday, October 22, 2026
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गैरसैंण बजट सत्र के दूसरे दिन सदन में पास हुए 11 विधेयक

देहरादून। गैरसैंण भराड़ीसैंण में बजट सत्र का दूसरा है। बजट सत्र के दूसरे दिन 11 विधेयक सदन के पटल पर रखे गये। इसमें देवभूमि परिवार विधेयक 2026 प्रमुख है। सीएम धामी ने कहा देवभूमि परिवार विधेयक के लागू होने के बाद उत्तराखंड के नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा। कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक पारदर्शी तरीके से सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने मंगलवार को देवभूमि परिवार विधेयक 2026 को सदन पटल पर रख दिया है। इस विधेयक के कानून बन जाने पर प्रदेश में एकीकृत और सत्यापित परिवार-आधारित डेटाबेस देवभूमि परिवार की स्थापना हो सकेगी। विधेयक का उद्देश्य विभिन्न विभागों में बिखरे लाभार्थी डेटा को एक मंच पर लाकर योजनाओं के संचालन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समन्वित बनाना है। देवभूमि परिवार आईडी में मुखिया के तौर पर परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की वरिष्ठतम महिला सदस्य का नाम दर्ज होगा।
वर्तमान में राज्य के अलग-अलग विभाग अपनी-अपनी योजनाओं के लिए अलग लाभार्थी डेटाबेस का उपयोग करते हैं। इसके कारण कई बार लाभार्थी आंकड़ों का दोहराव, पुनः सत्यापन की जटिल प्रक्रियाएं और विभागों के बीच समन्वय की कमी जैसी समस्याएं सामने आती हैं। इससे न केवल प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है, बल्कि योजनाओं के आकलन और प्रभावी क्रियान्वयन में भी बाधाएँ उत्पन्न होती हैं।
अब इस विधेयक के माध्यम से राज्य में एक एकीकृत परिवार-स्तरीय डेटा भंडार स्थापित किया जाएगा, जो विभिन्न विभागों और एजेंसियों के लिए लाभार्थी संबंधी सूचनाओं का एक विश्वसनीय स्रोत के रूप में कार्य करेगा। इससे योजनाओं का बेहतर लक्ष्योन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगी।
इसके साथ ही, इस डेटा प्रणाली के प्रभावी प्रबंधन, संरक्षण और संरचनात्मक सुधारों के लिए एक उपयुक्त संस्थागत तंत्र का भी गठन किया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था के अंतर्गत विभागों के बीच सुरक्षित और विनियमित डेटा आदान-प्रदान की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। जिससे योजनाओं के बेहतर लक्षित वितरण और समन्वय को मजबूती मिलेगी। यह पूरी व्यवस्था डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023 के प्रावधानों के अनुरूप संचालित की जाएगी। ताकि नागरिकों के डेटा का उपयोग सहमति, पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ सुनिश्चित किया जा सके। देवभूमि परिवार विधेयक-2026 सुशासन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा। उत्तराखंड के नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।

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