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Sunday, September 6, 2026
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मुख्यमंत्री ने की राज्य की महत्त्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को उत्तराखंड निवेश और आधारभूत संरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की चौथी बैठक के दौरान राज्य की महत्त्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवरफ्रंट कॉरिडोर तथा ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर परियोजनाओं के अंतर्गत कार्यों में तेजी लाई जाए और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में यूआईआईडीबी के गठन का मुख्य उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देना तथा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करना है। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सभी संबंधित विभाग गंभीरता, समन्वय और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें। उन्होंने परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही प्रक्रियात्मक जटिलताओं को दूर करने के लिए कार्यों के सरलीकरण पर विशेष बल दिया, ताकि परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतर सकें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी छह माह के भीतर इन परियोजनाओं के तहत कार्यों की वास्तविक प्रगति दिखाई देनी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक परियोजना की स्पष्ट टाइमलाइन निर्धारित की जाए तथा तय समयसीमा के भीतर कार्यों को पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा करने के भी निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर देरी न हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शारदा कॉरिडोर योजना के कार्यों में तेजी लाए जाने हेतु परियोजना के लिए भूमि की उपलब्धता के साथ इस क्षेत्र की भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशीलता का भी अध्ययन कर सुरक्षात्मक उपायों की प्राथमिकता पर ध्यान दिए जाने को कहा। उन्होंने कहा कि शारदा नदी के किनारे रिवर फ्रंट के विकास तथा घाटों के सौंदर्यीकरण से इस क्षेत्र में आनेवाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से आगामी हरिद्वार कुंभ को ध्यान में रखते हुए गंगोत्री से हरिद्वार तक गंगा स्वच्छता के साथ हरिद्वार एवं ऋशिकेश के घाटों की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण पर प्राथमिकता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि सभी परियोजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिल सके और उत्तराखंड को निवेश के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शारदा और गंगा कोरिडोर का मुख्य उद्देश्य राज्य में धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा देने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना तथा श्रद्धालुओं को सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि दोनों परियोजनाओं में अलग-अलग डिजाइन पर कार्य किये जायेंगे। शारदा कोरिडोर के तहत बुनियादी ढ़ांचे, पर्यटन और लोगों की आर्थिकी को बढ़ावा देने से संबधित अनेक कार्य किये जायेंगे। बैठक में कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, विनय शंकर पाण्डेय, डॉ. आर. राजेश कुमार, बृजेश संत, धीराज गर्ब्याल, रणवीर सिंह चौहान, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव अजय मिश्रा एवं संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

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