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Thursday, September 24, 2026
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पर्वतीय और दुर्गम क्षेत्रों में 1 जुलाई से बंटेगा तीन महीने का एडवांस राशन

देहरादून। आगामी मानसून सीजन के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने पर्वतीय एवं दुर्गम क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति को लेकर अपनी कमर कस ली है। बरसात के मौसम में अक्सर रास्ते बंद होने और संपर्क टूटने की आशंका को देखते हुए प्रदेश के पर्वतीय जनपदों में जुलाई, अगस्त और सितंबर यानी पूरे तीन महीने का राशन एक साथ उपलब्ध कराने की विशेष व्यवस्था की गई है। आगामी 1 जुलाई से इस त्रैमासिक राशन का वितरण शुरू कर दिया जाएगा।
शासन स्तर से मिली जानकारी के अनुसार, पर्वतीय जनपदों के सुदूर और बेहद दुर्गम इलाकों के सरकारी गोदामों में तीन महीने का खाद्यान्न पहले ही सुरक्षित पहुंचा दिया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि यदि मानसून के दौरान सड़कें अवरुद्ध होती हैं या परिवहन व्यवस्था बाधित होती है, तब भी आम जनता को राशन के लिए किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस बार चारधाम यात्रा मार्ग से जुड़े जनपदों में खाद्यान्न आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इन रूटों पर स्थित गोदामों में निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत राशन की आपूर्ति पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही, विभाग ने सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे राशन की उपलब्धता और वितरण प्रणाली पर चैबीसों घंटे पैनी नजर रखें। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए गोदामों में अतिरिक्त खाद्यान्न भंडार (बफर स्टॉक) भी सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं। अपर आयुक्त खाद्य पी.एस. पांगती ने बताया कि मानसून को ध्यान में रखते हुए पर्वतीय जनपदों में जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का राशन समय से भेजने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि सभी खाद्यान्न गोदामों में तीन माह का राशन पहुंच चुका है तथा आगामी 1 जुलाई से राशन डीलरों के माध्यम से इसका वितरण प्रारंभ कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जुलाई माह के दौरान ही तीनों महीनों का राशन उपभोक्ताओं को समयबद्ध तरीके से वितरित कर दिया जाएगा, जिससे मानसून के दौरान खाद्यान्न आपूर्ति पूरी तरह सुचारु बनी रहे।

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