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Sunday, October 25, 2026
Homeउत्तराखण्डआयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य

आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए डिजिटल रिकॉर्ड अनिवार्य

देहरादून। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना से जुड़े अस्पतालों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था लागू करना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि 31 अगस्त 2026 तक सूचीबद्ध अस्पतालों में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) आधारित हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (एचएमआईएस) लागू कराया जाए और मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन उत्तराखंड की स्टेट मिशन डायरेक्टर रीना जोशी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि एक सितंबर 2026 से केवल उन्हीं अनुबंधित अस्पतालों को पीएम-जेएवाई और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा, जिन्होंने निर्धारित समय सीमा तक सभी आवश्यक मानकों का पालन कर लिया होगा। समय सीमा के भीतर अनुपालन नहीं करने वाले अस्पताल प्रोत्साहन राशि के पात्र नहीं होंगे। निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में तत्काल प्रभाव से एबीडीएम-सक्षम एचएमआईएस और ‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा लागू करनी होगी। इसके साथ ही अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और फार्मासिस्टों का हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री (एचपीआर) आईडी तथा सभी चिकित्सा संस्थानों का हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री (एचएफआर) आईडी पंजीकरण भी सुनिश्चित करना होगा। मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड को एबीडीएम इकोसिस्टम से जोड़ने की प्रक्रिया भी 31 अगस्त तक शुरू करनी होगी।सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना है। इससे विभिन्न अस्पतालों और स्वास्थ्य प्रणालियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित डिजिटल माध्यम से उपलब्ध रहेंगे। जरूरत पड़ने पर किसी भी अधिकृत स्वास्थ्य संस्थान में मरीज की उपचार संबंधी जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकेगी, जिससे इलाज की निरंतरता भी बनी रहेगी।सभी जिलों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी सहायता और समन्वय के लिए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन उत्तराखंड कार्यालय से संपर्क करने को भी कहा है।

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