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Monday, November 2, 2026
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कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए सचिव से लगाई गुहार

देहरादून। देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के मुख्यालय चंदननगर देहरादून में एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सचिव पेयजल, उत्तराखंड शासन से मुलाकात करने के बाद रखी गई। बैठक की अध्यक्षता देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने की। संस्था के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि ठेकेदारों को 2 वर्षों से लगातार सचिवालय, एस डब्लू एस एम कार्यालय एवं जल निगम, जल संस्थान के चक्कर काट कट कट कर पाओ घिस गए एवं थक चुके हैं फिर भी धन आवंटित न होने एवं प्रतिमा आश्वासन से परेशान होकर सचिव महोदय के आगे गुहार लगाई गई कि उनकी एसोसिएशन के पांच सदस्यीय दल को मुख्यमंत्रीध् पेयजल मंत्री से मुलाकात कराकर अपनी समस्याओं का समाधान मांगा है। अमित अग्रवाल ने कहा क्योंकि संगठन के ठेकेदारों में अत्यधिक रोष पैदा हो चुका है एवं बताया गया है कि ठेकेदारों या योजनाओं के साथ कोई भी अनहोनी हो सकती है उसका पूर्ण जिम्मेदारी सरकार और अधिकारियों की होगी। ठेकेदारों ने पूर्ण रखरखाव संचालन एवं अनुरक्षण करने से मना कर दिया है।
उन्होंने कहा जल जीवन मिशन ने ठेकेदारों का उनके साथ जुड़े मजदूर परिवारों सप्लायरों का जीवन समाप्त कर दिया है। संस्था के अध्यक्ष अमित अग्रवाल आगे बताते हैं कि सरकार द्वारा पैसा देने की मंशा नहीं प्रतीत होती है लगातार सरकार द्वारा पहले के एम एल फाइल बनाना, आर पी डब्लू एस एस आई डी बनाना, स्वजल आईडी, सुजलाम आईडी, एस एन ए पोर्टल बनाने के लिए बोला गया। इन सभी में ठेकेदारों ने पूर्ण सहयोग कर सरकार का साथ दिया और वैसे ही किया परंतु स्पर्श पोर्टल पर आज तक कोई भी योजनाओं का रूपरेखा नहीं दिखाई दी। यहां तक की भारत सरकार से तीन माह पूर्व 32 करोड रुपए आज तक सरकार खर्च नहीं कर पाई है क्योंकि भारत सरकार के स्पर्श पोर्टल पर जल जीवन मिशन की योजना दिख नहीं रही हैं। जहां उत्तराखंड राज्य में 2000 करोड रुपए ठेकेदारों को बकाया राशि देनी है । इस सब परिस्थितियों को देखते हुए सरकार की मंशा साफ दिख रही है कि भुगतान नहीं करना या जानबूझकर पेमेंट रोकना है। उत्तराखंड राज्य में करोड रुपए जल जीवन मिशन के योजनाओं पर खर्च हो चुके हैं, वह अब बर्बाद होती हुई दिख रही है, इसमें सरकार और अधिकारी अपने ठीकरा ठेकेदारों पर पेनल्टी और ब्लैकलिस्ट करने के रूप में थोप रहे हैं। जिससे ठेकेदारों का कोई दोष नहीं है। बैठक में देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से सचिन मित्तल, सौरभ गोयल, सुनील गुप्ता, अंकित सालार एवं अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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