Latest news
सेवा संकल्प अभियान के तहत पौड़ी जनपद के 1853 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होगा “आंगन का मिलन” कार्यक्... मंत्री सुबोध उनियाल की पहल से टिहरी के मांगला गांव में हेलीपैड निर्माण को 45.40 लाख की वित्तीय स्वीक... धामी के विजन से एमडीडीए ने बदली आईएसबीटी की सूरत नये डाटा बेस सेंटर को अत्याधुनिक तकनीकों से लेस करने के मंत्री ने दिए निर्देश मजबूत एम-पैक्स से गांव मजबूत होंगे और मजबूत गांवों से समृद्ध उत्तराखण्ड बनेगाः मुख्यमंत्री सरकारी भूमि पर कब्जे और प्लॉटिंग की शिकायत पर जांच के निर्देश ड्रग फ्री उत्तराखंडः एएनटीएफ ने तोड़ा नशा तस्करों के नेटवर्क जनसमस्याओं का त्वरित एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करेंः मुख्यमंत्री धामी सरकार की दूरगामी सोच-51 रोपवे के साथ 160 किमी लंबा नेटवर्क की तैयारी मुख्यमंत्री धामी से मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश शुक्ला ने की भेंट

[t4b-ticker]

Tuesday, September 22, 2026
Homeउत्तराखण्डमंत्री सुबोध उनियाल की पहल से टिहरी के मांगला गांव में हेलीपैड...

मंत्री सुबोध उनियाल की पहल से टिहरी के मांगला गांव में हेलीपैड निर्माण को 45.40 लाख की वित्तीय स्वीकृति

देहरादून। प्रदेश में आधारभूत सुविधाओं के विकास एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में मंत्री सुबोध उनियाल की पहल पर जनपद टिहरी गढ़वाल के ग्राम मांगला, पट्टी डोवी में हेलीपैड निर्माण के लिए 45.40 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। उत्तराखंड शासन द्वारा इस संबंध में शासनादेश जारी कर वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रथम किस्त की धनराशि अवमुक्त करने की अनुमति प्रदान की गई है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 75.68 लाख है। शासन द्वारा प्रथम किस्त के रूप में 45,40,800 (पैंतालीस लाख चालीस हजार आठ सौ रुपये मात्र) की धनराशि स्वीकृत की गई है।
मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। मांगला गांव में हेलीपैड निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति मिलना क्षेत्र में हेलीपैड संबंधी सुविधाओं के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने और आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गुणवत्ता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न कराया जाना आवश्यक है। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्माण कार्य को आगे बढ़ाना चाहिए।
शासनादेश के अनुसार, स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित निर्माण कार्य के लिए किया जाएगा। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार का अतिरिक्त व्यय शासन की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकेगा। यदि निर्माण कार्य में धनराशि की बचत होती है, तो नियमानुसार अवशेष राशि राजकोष में जमा कराई जाएगी। निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराने के लिए नियमित एवं गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की जांच, कार्य की प्रगति की निगरानी तथा वित्तीय नियमों के अनुपालन पर विशेष जोर दिया गया है। शासनादेश में आवश्यक निविदा प्रक्रिया एवं अनुबंध संबंधी औपचारिकताओं को नियमानुसार पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की गुणवत्ता संबंधी कमी अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत कार्य पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments