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Sunday, November 8, 2026
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फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों से धोखाधड़ी के मामले में मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू समेत दो गिरफ्तार

देहरादून। फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाने के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू और उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को दून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू को उत्तर प्रदेश के झांसी से, जबकि उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को बरेली के जोगी नवादा क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, गिरधारी लाल साहू के विरुद्ध उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, बलवा और गैंगस्टर अधिनियम सहित 44 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को रेखा आर्य, निवासी यमुना कॉलोनी, चकराता रोड, देहरादून ने कैंट कोतवाली में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने गिरधारी लाल साहू पर पहले से विवाहित होने के बावजूद उनसे विवाह करने, गाली-गलौज और मारपीट करने तथा जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित करने के आरोप लगाए थे। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि गिरधारी लाल साहू ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किए और इनके आधार पर संबंधित कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटाए जाने का षड्यंत्र रचा। मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण प्रथम के पर्यवेक्षण में नौ सदस्यीय एसआईटी का गठन किया। एसआईटी ने विवेचना के दौरान संबंधित आडियो क्लिप कब्जे में लेने के साथ ही विभिन्न गवाहों के बयान दर्ज किए और दस्तावेजों की जांच की।
विवेचना के दौरान गवाहों के बयानों और प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर पुलिस को पता चला कि गिरधारी लाल साहू ने अपने भतीजे सतेंद्र राठौर के साथ मिलकर कथित रूप से रेखा आर्य के फर्जी हस्ताक्षर किए और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। पुलिस के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर रेखा आर्य को चार कंपनियों के निदेशक पद से हटाकर उनके स्थान पर सतेंद्र राठौर को निदेशक बनाया गया। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर रवाना की गई थीं। पुलिस टीमों ने इलेक्ट्रानिक निगरानी और अन्य माध्यमों से आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाई। इसके बाद 6 नवंबर को मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपी गिरधारी लाल साहू को झांसी, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया। वहीं, उसके भतीजे सतेंद्र राठौर को बरेली के जोगी नवादा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों से एसआईटी गहन पूछताछ कर रही है। मामले में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।

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