Latest news
महिला आरक्षण पर विशेष सत्र स्वागतयोग्य, कांग्रेसी प्रदर्शन ढोंगः महेंद्र भट्ट आपदा सुरक्षित उत्तराखण्ड के निर्माण में बड़ी पहल युवा राष्ट्रहित के लिए सदैव खड़े रहेंः डॉ. धन सिंह रावत प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत 14 ग्रामों के समग्र विकास पर जोर चारधाम यात्रा से खिलवाड़ पर सख्त कार्रवाई, भ्रामक वीडियो पर एफआईआर दर्ज टिहरी में नैल-कोटी कॉलोनी मार्ग पर वाहन दुर्घटना में आठ लोगों की मौत उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश के छठे दीक्षांत समारोह को संबोधित किया बदरीनाथ धाम के कपाट खुले, आस्था और उल्लास से गूंजा धाम मुख्यमंत्री धामी पहुंचे भारत के प्रथम सीमांत गांव माणा, विकास कार्यों का लिया जायजा मुख्यमंत्री धामी ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान की गहन समीक्षा की

[t4b-ticker]

Friday, April 24, 2026
Homeउत्तराखण्डभाजपा अपने नेताओं के बडबोलेपन पर कसे लगाम: चन्द्रशेखर पण्डित भुवनेश्वर दयाल...

भाजपा अपने नेताओं के बडबोलेपन पर कसे लगाम: चन्द्रशेखर पण्डित भुवनेश्वर दयाल उपाध्याय

देहरादून : भाजपा के जनसंघ के स्थापना पुरुष, पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के प्रपौत्र चन्द्रशेखर पण्डित भुवनेश्वर दयाल उपाध्याय ने भाजपा नेताओं के बड़बोलेपन को लेकर कड़ी चेतावनी दी है I उन्होंने भाजपा के शीर्ष नेताओ से अध्ययनहीन बयान देने वाले नेताओं पर त्वरित लगाम लगाने की बात कही है I उपाध्याय ने भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेस के पूर्व सीएम हरीश रावत पर लगातार किए जा रहे निजी हमलो को रोकने की मांग की है I ऐसा न करने पर उन्होंने भाजपा के मुख्यमंत्रियों के भ्रष्टाचारों को सार्वजनिक करने की चेतावनी दी है I

प्रख्यात न्यायविद् चन्द्रशेखर पण्डित भुवनेश्वर दयाल उपाध्याय न्यायिक क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘ न्याय-मित्र ‘ से पुरस्कृत है I उपाध्याय ने भाजपा के बड़बोले नेताओं को कड़ी चेतावनी दी है,एक बयान जारी करते हुए उन्होंने कहा है कि 24 घण्टे के भीतर भाजपा अपने अध्ययनहीन नेताओं पर लगाम लगाये I उन्होंने कहा है कि भाजपा नेताओं को हरीश रावत पर लगातार कर रहे निजी-हमले करने से रोके, वरना वह देहरादून में एक प्रेस-कान्फ्रेंस कर भाजपा के मुख्यमंत्रियों के भ्रष्टाचारों के अभिलेखीय-साक्ष्य सार्वजनिक कर देंगे । उन्होंने कहा कि सिर्फ मुख्यमंत्रियों ही नहीं बल्कि भाजपा के कई राष्ट्रीय नेताओं तथा उत्तराखण्ड के लगभग भाजपा नेताओं के भ्रष्टाचार को उन्होंने प्रत्यक्ष देखा है, और उनके समस्त प्रमाण उनके पास है । उन्होंने कहा कि उन अभिलेखीय-साक्ष्यों की सत्यता के लिए वह सभी भाजपाईयों का लाई-डिटेक्टर व नारको-टेस्ट कराने की मांग भी सक्षम प्राधिकरण से करेंगे ।

बता दे कि पूर्व सीएम हरीश रावत के मुख्य प्रमुख सलाहकार उपाध्याय, पूर्व में राज्य के एडीशनल एडवोकेट जनरल रह चुके हैं I उत्तरप्रदेश में सेशन-कोर्ट में न्यायाधीश रहे चन्द्रशेखर को कांग्रेसी मुख्यमंत्री पण्डित नारायण दत्त तिवारी ने 2004 में उपरोक्त पद पर नियुक्त किया था I बाद में उपाध्याय खण्डूड़ी एवम् निशंक के ओएसडी रहे । भ्रष्टाचार के मामलों में अदालतों में घिरे निशंक को उन्होंने ही सभी मामलों में ROLE-BACK कराकर भाजपा के बड़े भ्रष्टाचार से राज्य को बचाया था । उन्होंने ही अपनी न्यायिक-सूझबूझ से उस समय की भाजपा सरकार को बचाया था।

उत्तराखण्ड विधि-आयोग में प्रमुख-सचिव विधायी के समकक्ष सदस्य पद पर कार्य कर चुके उपाध्याय को रावत ने अपना मुख्य प्रमुख सलाहकार नियुक्त करते हुए उन्हें रामपुर तिराहा मामले में बलिदानियों एवम् आन्दोलनकारियों को पूर्ण न्याय दिलाने का कार्य सौंपा है I उल्लेखनीय है कि उपाध्याय ने 2005 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से रामपुर तिराहा मामले की पुर्ननिरीक्षण -याचिका स्वीकार कराकर राज्य-आन्दोलनकारियों को एक बड़ी राहत दिलवायी थी I जबकि मुजफ्फरनगर की निचली अदालत ने मामले को खारिज कर दिया था । उपाध्याय ने अपने बयान में भाजपा को अपने 2017 के घोषणापत्र पर सार्वजनिक-बहस की भी चुनौती दी है, उन्होंने कहा है कि अपने पुराने-मित्र जे. पी. नडडा के आग्रह पर उन्होंने उस घोषणा-पत्र पर काफी कार्य किया, जिसे भाजपा के तीनों मुख्यमंत्रियों ने विस्मृत कर दिया उन्होंने कहा कि भाजपा के मामूली नेता अपना अध्ययन बढ़ायें एवम् कांग्रेस के घोषणापत्र का भी अध्ययन करें ।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments