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Sunday, September 6, 2026
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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति मांगने की याचिका को किया खारिज

देहरादून: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति मांगने की याचिका को खारिज कर दिया हैं| साथ ही इलाहाबाद कोर्ट ने निर्देश दिया कि मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाना किसी का भी मौलिक अधिकार नहीं है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बदायूं की नूरी मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाने की अनुमति की मांग वाली याचिका को शुक्रवार को खारिज कर दिया। इसके निर्देश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि मस्जिद पर लाउडस्पीकर लगाकर अजान देना किसी का मौलिक अधिकार नहीं है। इसको लेकर बदायूं के एसडीएम ने मस्जिद पर स्पीकर लगाने की अनुमति न देने के उचित कारण भी दर्ज किये है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि यह सही है कि अजान तो इस्लाम का अंग है, लेकिन इसके साथ यह भी है कि लाउडस्पीकर से अजान देना इस्लाम का हिस्सा नहीं है। यह आदेश न्यायमूर्ति वीके बिड़ला तथा न्यायमूर्ति विकास बुधवार की खंडपीठ ने इरफान की याचिका पर दिया है। 

बता दें, याचिका में कहा गया था कि एसडीएम बिसौली का आदेश अवैध है। इससे याची के मस्जिद में लाउडस्पीकर लगाकर अजान पढऩे के मूल अधिकारों व कानूनी अधिकार का हनन किया गया है। इसी कारण से एसडीएम का तीन दिसंबर 21 का स्पीकर लगाने की अनुमति न देने का आदेश रद किया जाए। याची ने 20 अगस्त 21 को अर्जी दी थी जिसे एसडीएम ने निरस्त कर दिया है। 

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