Latest news
देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए का सख्त रुख गढ़ी कैंट में आयोजित “हिमालय की गूँज” मिलिट्री बैंड सिम्फनी में राज्यपाल ने किया प्रतिभाग उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की कॉफी टेबल बुक का राज्यपाल ने किया विमोचन उत्तराखंड पुलिस के नवनियुक्त आरक्षियों को केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ ने दिया ज्ञापन केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया 1129.91 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत

[t4b-ticker]

Sunday, March 8, 2026
Homeराजनीतिमिशन बिहार को धार देने दियारा गांव पहुंचे अमित शाह, विपक्ष का...

मिशन बिहार को धार देने दियारा गांव पहुंचे अमित शाह, विपक्ष का किया घेराव

देहरादून: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उत्‍तर प्रदेश व बिहार के सीमावर्ती सिताब दियारा गांव में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मिशन बिहार को धार देने पहुंचे I एनडीए की सरकार गिरने के बाद से यह अमित शाह का दूसरा दौरा है I

इस दौरान अमित शाह ने सिताब दियारा में लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 14 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। उन्होंने बताया कि इसकी स्‍थापना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकल्‍प लिया था। उनकी पहल पर केंद्रीय कैबिनेट से इसे पास कर राष्ट्रीय स्मारक की नींव रखी गई थी।

सिताब दियारा में आयोजित जेपी जयंती समारोह में अमित शाह ने लोगों से भारत माता की जय का नारा लगवाते हुए कहा कि यह नारा उन लोगों के हृदय तक जाए जो कांग्रेस की गोद में बैठ गए हैं। उन्होंने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार जेपी के सपनों को पूरा करने का काम कर रही है I

वहीं उन्होंने नितीश कुमार और लालू यादव पर भी तीखे वार करते हुए कहा कि सत्ता के लिए पाला बदलने वाले मुख्‍यमंत्री बन गए हैं। अब जनता को फैसला करना है कि उसे जेपी की राह से भटके व कुर्सी के लिए जनमत को ठुकराने वालों के साथ रहना है या जयप्रकाश के सपनों को पूरा करने वालों का।

इंदिरा गाँधी के छुड़ाए पसीने

अमित शाह ने कहा कि जेपी आजादी के बाद सत्‍ता से दूर रहे। इंदिरा गांधी के खिलाफ गुजरात में आंदोलन किया, जिससे वहां की सरकार गिर गई। फिर, बिहार में आंदोलन किया, उसने इंदिरा गांधी के पसीने छुड़ा दिए। आपातकाल की प्रताड़ना से जेपी झुके नहीं। लेकिन आज सत्‍ता के लिए जेपी को प्रताडि़त करने वालों के साथ जेपी के अनुयायी हैं।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments