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Thursday, July 23, 2026
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प्रदेश में वार्षिक विज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जाएं

देहरादून। मुख्य सचिव डॉ. एस.एस. संधु की अध्यक्षता में गुरूवार को उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (यूकॉस्ट) की सामान्य निकाय की तृतीय बैठक आयोजित हुयी। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए यूकॉस्ट को महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने कहा कि विज्ञान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए हमें स्कूल-कॉलेजों के छात्र-छात्राओं के लिए लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने होंगे जो उनके अन्दर विज्ञान और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकें।
मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में वार्षिक विज्ञान प्रतियोगिता आयोजित की जाए। जिसमें प्रदेश के किसी भी आयुवर्ग के बच्चों को प्रतिभाग करने का अवसर दिया जाए। बड़ी संख्या में पुरस्कृत और सम्मानित किया जाए। इससे बच्चों में विज्ञान और नवाचार के प्रति रूझान उत्पन्न होगा। उन्होंने कहा कि स्कूली छात्र-छात्राओं को प्रदेश के विज्ञान केन्द्रों के दौरे कराए जाएं। दूरस्थ क्षेत्रों के लिए मोबाईल वैन के माध्यम से ऐसी लैब उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने रूरल साईंस कांग्रेस जैसी गतिविधियों को जनपद स्तर पर आयोजित किया जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के लोग इसका लाभ ले सकें।
मुख्य सचिव ने आधुनिक तकनीक के उपयोग और कन्टेंट क्रिएटर आदि लोगों के सहयोग से ऐसे ज्ञान-विज्ञान से जुड़े वीडियो यू-ट्यूब के माध्यम से स्कूलों और छात्र-छात्राओं को उपलब्ध कराए जा सकते हैं, जिससे बच्चे मुश्किल चीजें आसानी से समझ सकें। उन्होंने कहा कि राज्य कुल बजट के मुकाबले एक मामूली से धनराशि से ये सब कार्य किए जा सकते हैं, और यह हमारे बच्चों की जिन्दगी को बदल सकता है। महानिदेशक यूकॉस्ट डॉ. दुर्गेश पंत ने बताया कि अपर सचिव आई.टी. आशीष श्रीवास्तव, निदेशक आईटीडीए विनीत कुमार, इसरो हैदराबाद से डॉ. राम मोहन राव एवं कुलपति दून विश्वविद्यालय सुरेखा डंगवाल सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

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