Latest news
यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ ने दिया ज्ञापन केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया 1129.91 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत गृहमंत्री के दौरे से पहले देहरादून प्रशासन अलर्ट, डीएम ने एसएसपी संग व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण सारा की उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित हाई पावर कमेटी ने 187.11 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को दी मंजूरी महाराज ने नेपाल चुनाव में बालेंद्र शाह की प्रचंड जीत पर दी बधाई

[t4b-ticker]

Saturday, March 7, 2026
Homeस्वास्थ्यपीएमएचएस की सरकार से मांग, पर्वतीय क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों को 50...

पीएमएचएस की सरकार से मांग, पर्वतीय क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों को 50 प्रतिशत दिया जाए भत्ता

देहरादून: प्रांतीय चिकित्सा स्वास्थ्य सेवा संघ (पीएमएचएस) ने पर्वतीय मेडिकल कॉलेजों में सेवाएं देने वाली फैकल्टी को 50 प्रतिशत अतिरिक्त भत्ता देने के फैसले पर अप्पति जताई है। संघ ने पर्वतीय क्षेत्र के विशेषज्ञ चिकित्सकों को 50 प्रतिशत और एमबीबीए, बीडीएस चिकित्सकों को 20 प्रतिशत पर्वतीय भत्ता दिए जाने कि मांग की है।

मंगलवार को संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. मनोज वर्मा की अध्यक्षता में आपात बैठक हुई। बठक में बताया गया कि पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती अलग-अलग माध्यम से की जाती है। टीएनएम से आउटसोर्स पर तैनात विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रतिमाह दो से तीन लाख रुपये का वेतन दिया जा रहा है। वहीं पीपीपी मोड के अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों को भी प्रतिमाह दो से तीन लाख रुपये का वेतन मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि अब मेडिकल कालेजों में कार्यरत चिकित्सकों को भी प्रतिमाह डेढ़ से ढाई लाख रुपये तक का वेतन दिया जाएगा| जबकि स्वास्थ्य विभाग के तहत सेवा दे रहे चिकित्सक जो कि जिला चिकित्सालयों से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक तैनात हैं और अपनी विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं| उन्हें सुविधाओं से वंचित रखा गया है। ये चिकित्सक पोस्टमार्टम, वीआईपी ड्यूटी से लेकर आपातकालीन सेवाएं दे रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि कोरोनाकाल में भी सरकार के हर आदेश का पालन करते हुए कंधा से कंधा मिलाकर लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाया। राष्ट्रीय कार्यक्रमों में सूचकांकों में सुधार के लिए भी वह दिन-रात काम कर रहे हैं। पर इन विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ किए जा रहे सौतेले व्यवहार से संघ क्षुब्ध व आक्रोशित है। उन्होंने कहा कि जब सरकारी चिकित्सक पीजी करते हैं तो उनका वेतन भी आधा कर दिया जा रहा है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments