Latest news
देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए का सख्त रुख गढ़ी कैंट में आयोजित “हिमालय की गूँज” मिलिट्री बैंड सिम्फनी में राज्यपाल ने किया प्रतिभाग उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की कॉफी टेबल बुक का राज्यपाल ने किया विमोचन उत्तराखंड पुलिस के नवनियुक्त आरक्षियों को केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ ने दिया ज्ञापन केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया 1129.91 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत

[t4b-ticker]

Sunday, March 8, 2026
Homeउत्तराखण्डदुनिया में भारत एक ऐसा मुल्‍क है जो भू-संस्कृति से संपन्‍न है:...

दुनिया में भारत एक ऐसा मुल्‍क है जो भू-संस्कृति से संपन्‍न है: अमित शाह

देहरादून: आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारतीय भूमि बंदरगाह प्राधिकरण के 10वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया। इस मोके पर उन्‍होंने कहा, हम सब के लिए यह खुशी का विषय है कि भारतीय भूमि बंदरगाह प्राधिकरण आज अपना 10वां स्थापना दिवस मना रहा है। गृह मंत्रालय के अधीन जितने भी उपक्रम हैं इसमें सबसे कम आयु लैंड पोर्ट अथारिटी की है। बावजूद इसके लैंड पोर्ट अथारिटी ने अपने मकसद की पूर्ति के लिए बहुत बड़ी यात्रा पूरी की है जो सराहनीय है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा, यदि हम देश के भूगोल और इतिहास का बारीकी से अध्ययन करें तो पाते हैं कि समूची दुनिया में भारत ऐसा मुल्‍क है जो भू-संस्कृति से संपन्‍न देश है। दुनिया के बाकी देश भू-राजनीतिक देश हैं। भारत में विविध भाषाएं और संस्‍कृति है। एक समान संस्‍कृति के कारण भारत एक देश बना है। आजादी के बाद भूमि मार्गों पर जो ध्यान होना चाहिए था वो नहीं दिया गया लेकिन जब इस पर ध्यान गया तब प्राधिकरण की स्थापना हुई|

अमित शाह ने कहा, प्राधिकरण ने 10 साल में ही 75 साल की कमी को पूरा करने का काम किया है। प्राधिकरण ने इसके लिए बहुत बड़ी यात्रा पूरी की है। प्राधिकरण ने सुरक्षा के साथ समझौता किए बगैर देश के अर्थतंत्र को गति देने का काम किया है। यही नहीं पड़ोस के देशों में व्‍यापार बढ़ाने के साथ साथ संस्‍कृति के आदान प्रदान का काम भी प्राधिकरण ने किया है। दो देशों के लोगों के बीच संवाद का माध्‍यम भी प्राधिकरण बना है। हम सात देशों (चीन, पाकिस्तान, भूटान, म्यांमार, अफगानिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश) के साथ अपनी भूमि सीमाओं पर विभिन्न चुनौतियों और अवसरों का सामना करते हैं। ऐसे में हमारे व्यापार गलियारे बहुत जरूरी हैं। इसमें प्राधिकरण ने महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है।  

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments