Latest news
राज्य में घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता, उपभोक्ताओं को चिंता करने की आवश्यकता नहींः आयुक्त खाद्य घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहींः महाराज देवभूमि की धरोहर ‘देवतत्व’ को संवारने के लिए प्रयासरत धामी सरकार विश्व प्लम्बर दिवस पर “प्लम्बर सम्मान समारोह“ का हुआ आयोजन प्रेस टूर पर देहरादून पहुंचे ओडिशा के पत्रकारों के दल ने राज्यपाल से की भेंट प्रदेश के हर ब्लाक में बनेंगे मिनी स्टेडियम मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की 75.36 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति विधानसभा सत्र का तीसरा दिनः सड़क से लेकर सदन तक ‘घमासान’ कुंभ मेला के लिए कुंभ क्षेत्र के पौराणिक स्थलों का किया जाएगा सौंदर्यीकरण केंद्र सरकार से उत्तराखंड को 264.50 करोड़ रुपये की विशेष सहायता स्वीकृत

[t4b-ticker]

Wednesday, March 11, 2026
Homeउत्तराखण्डउत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम से सम्बन्धित 12वीं उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित

उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम से सम्बन्धित 12वीं उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक आयोजित

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) से सम्बन्धित 12वीं उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक आयोजित राज्यभर में ट्यूबवेल पर बिजली व्यय की बचत के दृष्टिगत मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने खाली स्थानों की मैपिंग करते हुए सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने की कार्ययोजना पर कार्य करने के निर्देश पेयजल विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों को दिए हैं। सीएस ने ट्यूबवेल लगाने से पूर्व भूजल स्तर की रिपोर्ट अनिवार्यतः प्राप्त करने तथा पेयजल निगम तथा जल संस्थान के पास संकटमय पेयजल वाले क्षेत्रों की भूजल स्तर की रिपोर्ट उपलब्धता के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन सचिवालय में विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) से सम्बन्धित 12वीं उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। मुख्य सचिव ने विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) के तहत गुड प्रैक्टिसेज की निरन्तरता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने गुड पै्रक्टिसेज के तहत 100 प्रतिशत जल गुणवत्ता, निरन्तर जलापूर्ति, बिजली की बचत हेतु पम्पिंग में ऊर्जा दक्षता का स्तर बनाए रखना, ग्राहकों की संतुष्टि, मजबूत व त्वरित शिकायत निवारण तंत्र में निरन्तर सुधार हेतु निर्देश दिए हैं। आज की एचपीसी में मुख्य सचिव ने उत्तराखण्ड पेयजल निगम तथा उत्तराखण्ड जल संस्थान की विभिन्न योजनाओं के अंतिम परिवर्तन पर अनुमोदन दिया ।
बैठक में जानकारी दी गई कि 1042 करोड़ रू0 लागत के विश्व बैंक सहायता प्राप्त अर्ध-शहरी क्षेत्रों में उत्तराखण्ड जलापूर्ति कार्यक्रम (2018-2025) प्रोजेक्ट की समाप्ति 30 जून, 2025 है। प्रोजेक्ट में 834 करोड़ रू0 विश्व बैंक का योगदान तथा 208 करोड़ रू0 उत्तराखण्ड सरकार का योगदान है। राज्य के पांच जिलों देहरादून, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल तथा ऊधमसिंह नगर के 22 शहरों में कार्यक्रम की कवरेज है। प्रोजेक्ट के तहत निम्नतम 12 मीटर प्रेशर के साथ प्रतिदिन 16 घण्टे जलापूर्ति की सुनिश्चितता तथा 135 एलपीसीडी पर 4.35 लाख लक्षित आबादी को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। प्रोजेक्ट के तहत 100 प्रतिशत वॉल्यूमेट्रिक टैरिफ के साथ मीटरिंग की व्यवस्था है। पेयजल विभाग के अधिकारियों ने जानकारी दी कि उक्त प्रोजेक्ट के तहत 22 स्कीम्स पूरी हो चुकी हैं तथा 108755 नए कनेक्शन दिए गए हैं। यह नए कनेक्शन कार्यक्रम के लक्ष्य से 24 प्रतिशत अधिक हैं। विश्व बैंक ने उक्त प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन पर पूर्ण संतुष्टि व्यक्त है। बैठक में सचिव पेयजल, वित्त सहित सम्बन्धित विभागों के अपर सचिव एवं अधिकारी मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments