Latest news
23 अक्टूबर से उत्तराखण्ड में फिर मौसम के करवट लेने के आसार देहरादून में पहली बार नए और भव्य परिसर में होगा विरासत महोत्सव पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम धामी ने की कई घोषणाएं, 1600 पदों को जल्द भरने का ऐलान स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान के तह्त शहर में चला विशेष सफाई अभियान, 40 टन कूड़ा उठाया गया राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों का होगा संपूर्ण कायाकल्प केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर को होंगे बंद मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर किया हवन एवं कन्या पूजन सिमोग में दशहरा पर्व समारोह में शामिल हुए संस्कृति मंत्री महाराज पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गईंः सीएम मुख्यमंत्री बन्नू बिरादरी द्वारा परेड ग्राउंड देहरादून में आयोजित दशहरा महोत्सव में हुए शामिल

[t4b-ticker]

Thursday, October 22, 2026
Homeउत्तराखण्डराष्ट्रीय लोक अदालत 9 सितंबर को

राष्ट्रीय लोक अदालत 9 सितंबर को

देहरादून। सचिव/वरिष्ठ सिविल जज, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून ने जानकारी देते हुए बताया है कि उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुपालन में 09 सितम्बर को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाना है, जिसमें अधिक से अधिक वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किये जाने का लक्ष्य है जैसे-फौजदारी के शमनीय वाद, धारा 138 एन.आई. एक्ट से सम्बन्धित वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर सम्बन्धित वाद, वैवाहिक/कुटुम्ब न्यायालयों के वाद (विवाह विच्छेद को छोड़कर), श्रम सम्बन्धित वाद, भूमि अर्जन के बाद दीवानी याद, राजस्व सम्बन्धित वाद, विद्युत एवं जलकर बिलों के मामले (अशमनीय मामलों को छोड़कर), वेतन-भत्तों एवं सेवानिवृत्ति से सम्बन्धित वाद, धन से सम्बन्धित, अन्य ऐसे मामले जो सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारित हो सके।
            उन्होंने बताया कि जो पक्षकार अपने वादों को राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित करवाना चाहते है। यह सम्बंधित न्यायालय, जहाँ उनका मुकदमा लम्बित है में स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थनापत्र देकर अपने बाद राष्ट्रीय लोक अदालत के लिये नियत करवा सकते हैं। उक्त लोक अदालत में आपसी रजामन्दी से वादों का निस्तारण किया जाता है तथा काफी कम खर्चे व समय पर वाद निस्तारित हो जाते हैं, जिससे समाज का गरीब वर्ग भी अपने वादों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में निस्तारित कर लाभान्वित होते हैं। लोक अदालत में निस्तारित वादों में पक्षकारों को यह भी फायदा मिलता है कि न्याय शुल्क वापस हो जाता है तथा इसका फैसला अंतिम होता है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments