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Thursday, October 22, 2026
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अब अंग्रेजी माध्यम के साथ-साथ हिन्दी में भी होगी डॉक्टरी की पढ़ाई

देहरादून। सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अब अंग्रेजी के साथ-साथ हिन्दी माध्यम में भी एमबीबीएस की पढ़ाई हो सकेगी। राज्य सरकार द्वारा गठित पाठ्यक्रम समिति ने मध्य प्रदेश में संचालित एमबीबीएस के हिन्दी पाठ्यक्रम का अवलोकन कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। समिति की रिपोर्ट मिलने के उपंरात सूबे में भी हिन्दी माध्यम में पाठ्यक्रम लागू करने की कवायद शुरू हो गई है।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की एक और पहल रंग लाई है। चिकित्सा शिक्षा के द्वारा हिन्दी भाषा को महत्व देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने मध्य प्रदेश की तर्ज पर उत्तराखंड में भी एमबीबीएस पाठ्यक्रम हिन्दी माध्यम में संचालित करने का निर्णय लिया। जिसके लिये राज्य सरकार ने दो सदस्यीय समिति का गठन किया, जिसमें चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हेम चन्द्र एवं दून मेडिकल कॉलेज के रेडियोथेरपी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. दौलत सिंह शामिल थे। दो सदस्यी समिति ने मध्य प्रदेश जाकर वहां के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में संचालित हिन्दी माध्यम एबीबीएस पाठ्यक्रम का विस्तृत अध्ययन किया। इसके उपरांत उसी तर्ज पर राज्य के मेडिकल कॉलेजों के लिये भी हिन्दी में पाठ्यक्रम तैयार किया गया। जिसको चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय ने अपनी शैक्षणिक एवं एकेडमिक समिति में पारित कराने के उपरांत अंतिम स्वीकृति हेतु शासन को प्रेषित कर दिया है। इसी के साथ समिति ने अपनी सात पृष्ठ की विस्तृत रिपोर्ट भी शासन को सौंपी है। विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि राज्य में काफी छात्र-छात्राओं की स्कूली शिक्षा हिन्दी माध्यम से हुई होती है, जिसके चलते एमबीबीएस कोर्स की पढ़ाई के दौरान उनके सामने कठिनाई आती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुये राज्य सरकार ने सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में अंग्रेजी माध्यम के साथ-साथ राष्ट्र भाषा हिन्दी में भी एमबीबीएस की पढ़ाई कराने का निर्णय एक वर्ष पूर्व लिया था जिसको वर्तमान शैक्षणिक सत्र से लागू कर दिया जायेगा। जिसकी तैयारी विश्वविद्यालय स्तर पर कर ली गई है लेकिन पाठ्यक्रम लागू करने के लिये शासन स्तर की प्रक्रिया अंतिम चरण है जो कि शीघ्र पूर्ण कर ली जायेगी।

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