Latest news
सीएम के निर्देश पर गुलरघाटी राजकीय अन्न भण्डारण अनियमितता पर डीएम का विशेष शक्तियों अन्तर्गत सख्त प्... मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान ने वन सेवा प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित किया प्रशिक्षण कार्यक्रम खनन मामले में हाईकोर्ट में पेश हुए खनन सचिव, अगली सुनवाई 15 अपै्रल को मियांवाला का नाम रामजीवाला किए जाने पर सीएम का आभार व्यक्त किया यंग उत्तराखंड के सदस्यों ने सीएम धामी से की भेंट 30 सालों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति की कार्ययोजना बनाई जाएः मुख्यमंत्री संरक्षित पशु को काटने के आरोप में छह गिरफ्तार मुख्य सचिव ने विभिन्न विषयों पर शहरी विकास एवं सिंचाई विभाग के साथ बैठक की श्रमिकों के हितों की सुरक्षा करना उनकी सरकार की प्राथमिकताः सीएम धामी बेकाबू बस अनियंत्रित होकर क्लीनिक में घुसी, कई यात्री घायल

[t4b-ticker]

Friday, April 4, 2025
Homeउत्तराखण्डबेटी को न्याय दिलाने के लिए धरने में शामिल हुए अंकिता के...

बेटी को न्याय दिलाने के लिए धरने में शामिल हुए अंकिता के माता-पिता, कार्यवाही पर जताई असंतुष्टि

देहरादून: अंकिता के माता-पिता युवा न्याय संघर्ष समिति की ओर से आयोजित धरने में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने सरकार से मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं, बेटी को याद कर अंकिता की मां के आंसू छलक पड़े। 

आज मंगलवार को ऋषिकेश में कोयलघाटी स्थित युवा न्याय संघर्ष समिति की ओर से अंकिता के लिए न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया I युवा न्याय संघर्ष समिति की ओर से 41 दिन से कोयलघाटी में धरना दिया जा रहा है। समिति के सदस्य क्रमिक अनशन और आमरण अनशन कर रहे हैं। अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी सोमवार शाम को भी धरनास्थल पहुंचे थे। वहीं, आज वे पूरा दिन धरने में शामिल होंगे। 

इस दौरान अंकिता के पिता ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें एसआईटी की जांच पर भरोसा नहीं है। वह इस मामले में सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कहा कि मामले की सीबीआई जांच शुरू नहीं होने तक वह संघर्ष करते रहेंगे।

उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के अगले ही दिन घटनास्थल के सबूत नष्ट कर दिए गए थे। घटनास्थल के पास फैक्टरी के जिस कमरे में अन्य आरोपी रहते थे उसमें भी आग लगा दी गई। उन्होंने कहा की घटना से संबंधित सारे साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया है। एसआईटी इस मामले में जांच कर रही है। जब साक्ष्य ही खत्म हो गए तो आरोपियों को कठोर सजा कहां से मिलेगी। 

कहा कि घटना के 10 दिन बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी उनसे मिलने के लिए उनके गांव में आए थे, उन्होंने भी आरोपियों को जल्द सजा दिलाने और इस केस का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने का आश्वास दिया था। लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments