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Friday, September 11, 2026
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वर्शिप एक्ट के मुद्दे पर कांग्रेस की कोर्ट जाने की तैयारी सनातन के खिलाफः महेंद्र भट्ट

देहरादून। भाजपा ने प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट के मुद्दे पर कोर्ट जाने को कांग्रेस की सनातन के विरुद्ध लड़ाई करार दिया है। दिल्ली विधानसभा हो या उत्तराखंड निकाय चुनाव इन्हें सिर्फ वर्ग विशेष की चिंता है। लिहाजा दोनों जगह जनता इनके उम्मीदवारों की जमानत जब्त कर, करारा जवाब देगी।
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने अपनी प्रतिक्रिया में कांग्रेस के इस कदम की कड़ी आलोचना की है। जिसमें इस कानून पर पुनर्विचार को लेकर दर्ज याचिकाओं को रद्द करने के लिए कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट गई है। पहले भी कांग्रेस वकील नेताओं ने दशकों तक श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के खिलाफ जमकर पैरवी की है। एक बार फिर दिल्ली चुनावों में मुस्लिम वोटों की चाहत में वह हिंदुओं से अपने धार्मिक एवं पौराणिक स्थलों पर अपील के अधिकार छीनने के लिए न्यायालय गई है। कांग्रेस का सनातन विरोधी, मुस्लिम लीग चेहरा एक बार फिर सबके सामने आ गया है। कांग्रेस का इस कानून का समर्थन करना, हिंदुओं को उनके साथ हुए ऐतिहासिक अन्यायों के खिलाफ कानूनी उपायों का अधिकार छीनने की कोशिश है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा हिंदू हितों की अनदेखी की है। यही कांग्रेस है जिसमें भारत के विभाजन के समय धार्मिक आधार पर सहमति दी थी। उसके बाद धर्म के आधार बनाकर वक्फ कानून बनाकर, समाज विशेष को जमीन कब्जाने का असीमित अधिकार दिया। जिसे बाद में संशोधन करके, वक्फ के अधिकारों को चुनौती देने का कानूनी अधिकार भी छीन लिया था। इसी तरह एक कानून और बनाया कांग्रेस सरकार ने प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट, जिसमें 15 अगस्त 1947 के बाद से सभी पूजा स्थलों की स्थिति को जस का तस रखा जाए। मकसद हिंदुओं को अपने साथ हुए सैकड़ों सालों के अत्याचार और दमन का सच जानने से रोकना था। ताकि कभी भी सनातन समाज, अपने तोड़े गए धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पहचानो एवं पावन स्थलों को पुनः पाने के लिए कानून की शरण भी ले पाए। वहीं आज, जब इस विवादित कानून को लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार चल रहा है तो कांग्रेस ने याचिका डाल कर उसमें बाधा डालने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा, देश के साथ प्रदेश की जनता भी कांग्रेस के इस सनातन विरोधी चेहरे को एक बार फिर देख रही है। मतदाता समझ रहे हैं कि इन्हें सिर्फ वर्ग विशेष के वोट चाहिए चाहे दिल्ली विधानसभा चुनाव हों या उत्तराखंड के निकाय चुनाव। यही वजह है कि देवभूमिवासी इसका ज़बाब, कांग्रेस उम्मीदवारों की जमानत जब्त कर देंगे।

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