Latest news
देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए का सख्त रुख गढ़ी कैंट में आयोजित “हिमालय की गूँज” मिलिट्री बैंड सिम्फनी में राज्यपाल ने किया प्रतिभाग उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की कॉफी टेबल बुक का राज्यपाल ने किया विमोचन उत्तराखंड पुलिस के नवनियुक्त आरक्षियों को केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ ने दिया ज्ञापन केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया 1129.91 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत

[t4b-ticker]

Sunday, March 8, 2026
Homeउत्तराखण्डवरिष्ठ अधिकारी अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों का निरंतर...

वरिष्ठ अधिकारी अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों का निरंतर अनुश्रवण करेंः सीएम

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्च स्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिये कि शासन के वरिष्ठ अधिकारी अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों का निरंतर अनुश्रवण करें, जिलाधिकारियों द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जो भी सहायता की मांग की जा रही है, उस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें सहयोग प्रदान किया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर केदारनाथ यात्रा मार्ग के प्रभावित क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के रेस्टोरेशन के लिए आयुक्त गढ़वाल मण्डल विनय शंकर पाण्डेय को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने निर्देश दिये हैं कि सचिव आपदा प्रबंधन,सचिव लोक निर्माण विभाग तथा ऊर्जा विभाग के उच्च अधिकारी तत्काल जनपद रूद्रप्रयाग का दौरा करते हुए रेस्क्यू और रेस्टोरेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करायेंगे। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में हुई अतिवृष्टि से हुए नुकसान का मुख्यमंत्री जिलाधिकारियों से हर पल का स्वयं अपडेट ले रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने शनिवार को जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग से वर्चुअल माध्यम से वार्ता करते हुए निर्देश दिये कि श्री केदारनाथ पैदल मार्ग पर आवागमन को जल्द सुचारू किये जाने के प्रयास किये जाएं। पैदल यात्रा मार्ग पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर ठहराया जाए और उनको भोजन की समुचित व्यवस्था रखी जाए। श्रद्धालुओं के परिजनों को उनकी कुशलक्षेम की नियमित अपडेट दी जाए। जारी किये गये हेल्पलाईन नम्बरों का भी व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। मौसम अनुकूल होने की स्थिति में श्रद्धालुओं को जल्द रेस्क्यू किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच के क्षतिग्रस्त 150 मीटर मोटर मार्ग के निर्माण की कार्यवाही जल्द की जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं के साथ पुलिस का व्यवहार अच्छा हो। प्रभावित क्षेत्रों में विद्युत और पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था भी सुचारू रखने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिये हैं।
जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग सौरभ गहरवार ने जानकारी दी कि श्री केदारनाथ पैदल मार्ग पर जिन स्थानों पर मलबा आया है,उन पर कार्य गतिमान है। मौसम अनुकूल होने की स्थिति में इन रास्तों को एक सप्ताह में ठीक करा लिया जायेगा। गौरीकुंड और सोनप्रयाग के बीच क्षतिग्रस्त 150 मीटर मोटर मार्ग के निर्माण की कार्यवाही भी शुरू की जा रही है, अभी इसमें पैदल चलने की व्यवस्था की जा रही है। शेष मोटर मार्ग पूरा सही है।
बैठक में प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली,गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पाण्डेय, एडीजी ए.पी. अंशुमन, आईजी कृष्ण कुमार वी.के, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments