Latest news
उत्तराखण्ड में एसआईआर की शुरुआत, राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने भरे गणना फार्म सेतु आयोग के सीईओ ने राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन से संबंधित विषयों पर की चर्चा समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं 194 जन शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के दिए सख्त निर्देश कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पर नगर आयुक्त ने कसी नकेल विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में सबका सहयोग जरूरीः मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सच हो रहा विकसित भारत का संकल्पः सीएम मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सीएम धामी को सौंपा गणना फॉर्म सीएम ने जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह में प्रतिभाग किया नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री

[t4b-ticker]

Tuesday, June 9, 2026
Homeउत्तराखण्डखुशियों की सवारी सेवा का उपयोग प्रसव के समय के साथ ही...

खुशियों की सवारी सेवा का उपयोग प्रसव के समय के साथ ही प्रसव पूर्व जांचों के लिए भी निशुल्कः मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने बताया कि राज्यभर में खुशियों की सवारी सेवा की सुविधा का उपयोग प्रसव के समय के साथ ही गर्भवती महिलाओं द्वारा सरकारी अस्पतालों में प्रसव पूर्व जांचों के लिए भी निरूशुल्क किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को इस जनहितकारी जानकारी के व्यापक प्रचार प्रसार के निर्देश दिए हैं ताकि राज्य की आधिकारिक गर्भवती महिलाएं विशेषकर दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली साधनविहीन गर्भवती महिलाएं इसका लाभ उठा सके। सचिवालय में सभी जिलाधिकारियों के साथ च्नसेम ।दमउपं डमहं ब्ंउचंपहद के संबंध में बैठक लेते हुए मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को एनीमिया को समाप्त करने के लिए एनएचएम द्वारा तैयार किए गए एक्शन प्लान  के महिला कल्याण एवं बाल विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग की सहायता से प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं द्य राज्य में 15 से 49 वर्ष के मध्य की 46.4 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं एनीमिया से ग्रस्त हैं, जबकि इस मामले में राष्ट्रीय औसत 50.4 प्रतिशत है।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने स्वास्थ्य विभाग को सभी गर्भवती महिलाओं के गर्भावस्था के पहले  चरण में ही एनीमिया आइडेंटिफिकेशन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं द्य इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के  उपस्थिति रजिस्टर में ही अनिवार्य रूप से प्रत्येक माह जांच के बाद हीमोग्लोबिन लेवल भी दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उपस्थिति रजिस्टर में एचबी लेवल की जांच व जानकारी अंकित करने की जिम्मेदारी प्रिंसिपल के निर्देश पर क्लास टीचर की होगी, जिसमें सी एच ओ  द्वारा उनकी मदद की जाएगी द्य इसके बाद एनीमिया से ग्रस्त छात्राओ के उपचार की विशेष व्यवस्था, मॉनिटरिंग व ट्रैकिंग भी निकटस्थ ब्भ्व्  द्वारा की जाएगी। छात्राओ के हीमोग्लोबिन लेवल की नियमित जानकारी रिपोर्ट कार्ड में अंकित कर अभिभावकों को दी जाएगी द्य सीएस ने स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए सप्ताह में  एक पीरियड स्वास्थ्य जानकारी पर आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने सभी जिलाधिकारियों को जिलों में विशेषकर गर्भवती महिलाओं में एनीमिया के नियमित टेस्टिंग, रिपोर्टिंग तथा इस कार्य के लिए आईसीडीएस व एएनएम के लिए ट्रेनिंगकी व्यवस्था के निर्देश दिए हैं द्य मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को टीबी मुक्त उत्तराखंड के लक्ष्य को जल्द पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के एक्शन प्लान पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में सचिव डॉ आर राजेश कुमार, अपर सचिव स्वाति भदौरिया सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी तथा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारी मौजूद रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments