Latest news
देहरादून में अवैध निर्माणों के खिलाफ एमडीडीए का सख्त रुख गढ़ी कैंट में आयोजित “हिमालय की गूँज” मिलिट्री बैंड सिम्फनी में राज्यपाल ने किया प्रतिभाग उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की कॉफी टेबल बुक का राज्यपाल ने किया विमोचन उत्तराखंड पुलिस के नवनियुक्त आरक्षियों को केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदान किए नियुक्ति पत्र यूजीसी के प्रस्तावित काले कानून को वापस लेने की मांग को लेकर ब्राह्मण समाज महासंघ ने दिया ज्ञापन केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने किया 1129.91 करोड़ रुपए की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास नूतन न्याय संहिता पर राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बोले, केदारनाथ से कन्याकुमारी तक बाहर होंगे घुसपैठिया चारधाम यात्रा के लिए सरकार पूरी तरह से तैयारः महाराज आयुष्मान के बेहतरी को प्रयासों में गंभीरता जरूरीः डा धन सिंह रावत

[t4b-ticker]

Sunday, March 8, 2026
Homeउत्तराखण्डरक्षाबंधन पर इस बार भोजपत्र से बनी राखी से सजेगी भाइयों की...

रक्षाबंधन पर इस बार भोजपत्र से बनी राखी से सजेगी भाइयों की कलाइयां

चमोली। भोजपत्र का बडा ही पौराणिक एवं धार्मिक महत्व है। भोजपत्र का उपयोग पारंपरिक रूप से धर्म ग्रंथों और पवित्र ग्रंथों को लिखने के लिए कागज के तौर पर किया जाता रहा है। भाई बहनों के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन पर इस बार भाईयों की कलाई दुर्लभ भोजपत्र से बनी खास राखियों से सजेगी। जनपद चमोली में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने इस बार हिमालय के दुर्लभ भोज वृक्ष की छाल से बने भोजपत्र से आकर्षक राखियां तैयार की है। समूह की महिलाओं के द्वारा 24 अगस्त से सभी ब्लाकों में स्टॉल लगाकर भोजपत्र से निर्मित इन खास राखियों का विपणन किया जाएगा।भोजपत्र के पौराणिक एवं धार्मिक महत्व को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में एनआरएलएम समूह की महिलाओं को दुर्लभ भोजपत्र पर कैलीग्राफी का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण लेकर महिलाओं ने भोजपत्र पर बद्रीनाथ की आरती, बद्री विशाल के श्लोक, भोजपत्र की माला और कई तरह के चित्र एवं लिखित सोविनियर तैयार किए गए और इन कलाकृतियों को हिलान्स आउटलेट्स और विभिन्न चौनलों के माध्यम से विपणन कर महिलाएं अच्छी आजीविका अर्जित कर रही है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन द्वारा समूह की महिलाओं को रक्षाबंधन पर खास राखी तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। महिलाओं ने दुलर्भ भोजपत्र और वैजयंती माला से बेहद आकर्षक और ईको फ्रेंडली राखियां तैयार की गई है। महिला समूहों के स्टॉलों पर भोजपत्र से निर्मित ये खास राखियां उपलब्ध है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments