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Thursday, October 22, 2026
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राष्ट्र प्रेम शब्दों में नहीं, बल्कि आचरण और व्यवहार मे भी जरूरीः चौहान

देहरादून। भाजपा ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि राष्ट्र प्रेम शब्दों से नही, बल्कि आचरण और व्यवहार मे भी परिलक्षित होना चाहिए। भाजपा का राष्ट्र निर्माण का संकल्प पत्र कागज पर तैयार शब्द नही, बल्कि देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं का पुंज है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चैहान ने कहा कि कागज पर कुछ शब्द उकेरने से चुनाव वैतरिणी पार नही की जा सकती है, क्योंकि कागज पर तमाम झूठे वायदों के भरोसे जनता का विश्वास नही जीता जा सकता है। उसके लिए पीएम मोदी की तरह संकल्पों को पूरा कर जनता का विश्वास अर्जित किया जाता है और यही विश्वास गारंटी में तब्दील होता है।
चैहान ने कहा कि कांग्रेस अपनी हार निश्चित जानकर इस कदर बौखला गई है कि देश को आगे ले जाने का रोड मैप को भी समझ नही पा रही है। हालात यह हैं कि जिस भाषा का वह प्रयोग कर रहे हैं, वह सभी उनके घोषणा पत्र पर ही सटीक बैठती हैं । क्योंकि यह पूरी तरह से झूठ का पुलिन्दा है। इस अनुसार लगभग 45 करोड़ बालिग महिलाओं को कांग्रेस घोषणापत्र के अनुरूप महज 1 लाख रुपए प्रत्येक वर्ष दिया जाए तो न्यूनतम 45 लाख करोड़ रुपए प्रतिवर्ष की व्यवस्था करनी पड़ेगी जो वर्तमान कुल जीएसटी कलेक्शन का भी दोगुना है । इसी तरह युवाओं को रोजगार नहीं बल्कि 1 लाख रुपए मानदेय की बात कर रहे हैं जिसमे भी भ्रष्टाचार करने का तरीका उन्होंने ढूंढ लिया है । उनके वादे भी उनके कृत्यों से ठीक उलट रहे हैं। वह नारी न्याय की बात करते करते हैं और लगातार मातृ शक्ति के साथ अपमान करने का काम करते हैं।
कांग्रेसी पेपर लीक पर कानून लाने की बात करते हैं जबकि धामी सरकार ने नकल विरोधी कठोर कानून लागू किया तो सबसे अधिक विरोध कांग्रेस पार्टी ने ही किया था और आज भी भ्रम फैला रही है । कांग्रेस भागेदारी न्याय की बात करते हैं, जबकि उसका इतिहास पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय को लेकर दागदार रहा है।
उन्होंने कहा कि मोदी देश को आगे ले जाना चाहते हैं और कांग्रेस का घोषणा पत्र देश को पीछे ले जाने वाला है। हम सबका साथ सबका विकास और सब के विश्वास के साथ विकसित भारत का निर्माण करना चाहते हैं और कांग्रेस अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की नीति पर ले जाकर देश को बांटना चाहती है। इस विजन डॉक्युमेंट के माध्यम से हमारा लक्ष्य स्पष्ट है कि आर्थिक नीति में नए प्रयोगों के साथ दुनिया की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनना है । वहीं कांग्रेस देश को जीएसटी समाप्ति समेत पुराने काले धन की इकोनॉमी की तरफ ले जाना चाहती है। हम वन नेशन वन इलेक्शन की नीति पर काम करना चाहते हैं ताकि देश के धन और देशवासियों के समय की बचत ही सके। भाजपा यूसीसी को लेकर देवभूमि से हुई शुरुआत को देशभर में लागू करना चाहती हैं और कांग्रेस के स्थानीय नेता देवभूमि को मिले इस गौरव को समाप्त करना चाहते हैं। भाजपा की नीतियां प्रत्येक देशवासी के लिए समान है और कांग्रेस अल्पसंख्यक समुदाय के लिए विशेष योजनाएं अलग से चलाने की घोषणा कर बंटवारे की ओर ले जाने की कोशिश कर रही है।चैहान ने कहा कि प्रदेश की जनता इस अव्यवहारिक घोषणा एवं देश को आगे ले जाने के विजन का अंतर स्पष्ट जानती है । लिहाजा जितना एनडीए के 400 पार होने की गारंटी है उतनी ही विकसित भारत के निर्माण की।

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