Latest news
24×7 अलर्ट मोड पर रहें अधिकारीः मुख्य सचिव बुद्धिजीवियों से संवाद में मुख्यमंत्री ने साझा की उत्तराखण्ड के विकास की प्राथमिकताएं 12 अक्टूबर को होगा मतदान, 14 अक्टूबर को मतगणना के बाद घोषित होंगे परिणाम दावे-आपत्तियों की सुपर चैकिंग के अन्तर्गत, हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और नैनीताल में स्थलीय निरीक्षण कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सुनी पीएम की मन की बात कार्यक्रम स्थगित कर आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे डॉ. धन सिंह रावत रेयर डिजीज से पीड़ित बच्चों के उपचार के लिए डीएम की पहल हडको देहरादून में देश-भक्ति विषय पर स्वरचित एवं मौलिक कविता प्रतियोगिता आयोजित मुख्य सचिव ने गंगोत्री धाम में की पूजा-अर्चना, व्यवस्थाओं का लिया जायजा चारधामों को प्लास्टिक मुक्त बनाने में जुटी धामी सरकार

[t4b-ticker]

Monday, September 28, 2026
Homeउत्तराखण्डआईएएस धीराज गर्ब्याल पर लगे सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में हाईकोर्ट...

आईएएस धीराज गर्ब्याल पर लगे सरकारी धन के दुरुपयोग मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई

नैनीताल। हाईकोर्ट ने नैनीताल के तत्कालीन जिलाधिकारी के अपने कार्यकाल के दौरान जिले के लिए जारी फंड के दुरुपयोग के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। पूरा मामला साल 2021 से 2023 के बीच का है। मामले की सुनवाई के बाद मुख्य न्यायाधीश जी नरेंद्र व न्यायमूर्ती आलोक मेहरा की खंडपीठ ने राज्य सरकार समेत सीबीआई से जवाब पेश करने को कहा है। साथ में कोर्ट ने तत्कालीन जिलाधिकारी विपक्षी धीराज गर्ब्याल को नोटिस जारी कर उनसे अपना जवाब पेश करने को है।
मामले के अनुसार नोएडा निवासी संजय गुप्ता ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि साल 2021 से लेकर 2023 तक नैनीताल के तत्कालीन जिलाधिकारी के जिले के लिए जारी सरकारी धन का दुरुपयोग किया है। उन्होंने इस धन का पब्लिक हित में उपयोग ना कर उसका उपयोग अपने निजी हित के लिए किया गया। शिकायत करने पर पूरे प्रकरण की जांच कैग ने की। कैग ने अपनी रिपोर्ट में माना कि सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ है। इस पर उन्होंने सरकार को भी शिकायत की और रिपोर्ट पर कार्रवाई की मांग की गई। लेकिन अभी तक सरकार ने कैग की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
जनहित याचिका में पूर्व जिला अधिकारी पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने जिले के लिए जारी बजट का दुरुपयोग किया है। जैसे डिस्ट्रिक्ट माइनिंग फंड को उन्होंने अपने निजी हितों के लिए उपयोग किया। उपयोग करने के बाद उस भूमि के रेट बढ़ा दिए गए। एससी एसटी की भूमि का स्वरूप बदलकर बेच दी। उन्होंने प्रतिबंधित क्षेत्र के लोगों को नियम विरुद्ध जाकर आर्म लाइसेंस दे दिए गए। नैनीताल शहर के सौंदर्यीकरण के नाम पर भी सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। अब सरकार कैग की रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि इस मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments