Latest news
लक्ष्मी नारायण मंदिर में सात दिवसीय गणेश महोत्सव का हुआ समापन बदरीनाथ धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, मास्टर प्लान के कार्यों का लिया जायजा देवभूमि की लोक संस्कृति हमारी पहचान, नई पीढ़ी को जड़ों से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारीः सीएम विरासत के संरक्षण के साथ होगा देहरादून का सुनियोजित विकास मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बोले, सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए समर्पित उत्तराखण्ड में व्यापक स्तर पर चलेंगे आपदा प्रबंधन के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को राज्य में ही मिलेंगे रोजगार और शिक्षा के अवसर, पलायन रोकने पर सरकार का जोर आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में स्नातक उत्कृष्टता, नवाचार और राष्ट्र निर्माण का उत्सव देहरादून रोजगार मेले में 249 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित, अब तक 12 लाख से अधिक युवा लाभान्वि... युवाओं और महिलाओं ने अपनाया होम स्टे व्यवसाय

[t4b-ticker]

Sunday, September 20, 2026
Homeउत्तराखण्डकपाट बंद होने का मतलब अगले चरण की तैयारीः महाराज

कपाट बंद होने का मतलब अगले चरण की तैयारीः महाराज

देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि अन्नकूट और गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां गंगा की विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की पूजा-अर्चना अब शीतकालीन गद्दीस्थल मुखबा में होगी।
पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि चारधाम यात्रा से उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे शीतकालीन यात्रा के दौरान मुखबा, खरसाली, ऊखीमठ और जोशीमठ में मां गंगा, यमुना, भगवान केदार और बद्री विशाल के दर्शन करके पुण्य लाभ अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने माँ गंगा से सभी भक्तों के जीवन में सुख, शांति और उन्नति की कामना की है। उन्होंने कहा कि कपाट बंद होना यात्रा के अगले चरण की तैयारी को दर्शाता है और उन्होंने माँ गंगा से प्रार्थना की कि उनका आशीर्वाद हम सब पर बना रहे। श्री महाराज ने कहा कि गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के बाद कार्तिक शुक्लपक्ष की द्वितीया तिथि 23 अक्टूबर गुरुवार को भाई दूज के पर्व पर मां यमुना के पावन मंदिर यमुनोत्री धाम के कपाट भी बंद हो जाएंगे। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि है वह शीतकालीन यात्रा के दौरान मुखबा, खरसाली, ऊखीमठ और जोशीमठ में मां गंगा, यमुना, भगवान केदार और बद्री विशाल के दर्शन करके पुण्य लाभ अर्जित करें। पर्यटन मंत्री ने बताया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने चारधाम की यात्रा कर पूज्य लाभ अर्जित किया है। अभी तक यमनोत्री धाम में 644366, गंगोत्री धाम में 757762, केदारनाथ धाम में 1745065 और बद्रीनाथ धाम में 1524942 यात्रियों सहित चारों धामों में कुल 4946576 यात्रियों ने चारधाम के दर्शन किए हैं। तीनों धामों के कपाट बंद होने तक यह आंकड़ा 50 लाख पार पहुंच जायेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments