Latest news
फीस जमा न होने पर स्कूल ने किया परीक्षा से बाधित; डीएम ने प्रोजेक्ट नंदा-सुंनदा से दी विदुषी की फीस कुंभ मेले की तैयारियां तेज, अपर मेलाधिकारी ने स्वर्गाश्रम क्षेत्र के 16 घाटों का किया निरीक्षण ऋषिकेश में अवैध बहुमंजिला निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, मनीराम मार्ग का भवन सील बजट में आठ मूल मंत्रों से सरकार ने साधा संतुलन सीएम धामी ने सदन में पेश किया 1.11 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट युवती पर जानलेवा हमला करने का आरोपी छात्र गिरफ्तार सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों ने किया प्रदर्शन गैरसैंण में राज्यपाल के अभिभाषण के साथ विधानसभा का बजट सत्र शुरू भाजपा को कल्याणकारी बजट और सार्थक चर्चा की उम्मीद शिक्षा, रोजगार और रिवर्स पलायन जैसे क्षेत्रों मे हुआ अभूतपूर्व कार्यः चौहान

[t4b-ticker]

Tuesday, March 10, 2026
Homeउत्तराखण्डगांधी व शास्त्री की जयंती पर आयोजित किए गए कार्यक्रम

गांधी व शास्त्री की जयंती पर आयोजित किए गए कार्यक्रम

देहरादून। जनपद देहरादून के कलेक्ट्रेट, विकासभवन सहित शासकीय कार्यालयों एवं शैक्षणित संस्थानों में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती में कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें रामधुन बजाई गई गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी सविन बसंल ने कैम्प कार्यालय में तथा अपर जिलाधिकारी प्रशासन जयभारत सिंह ने गांधी जी एवं शास्त्री जी के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा कि महात्मा गांधी सत्य और अहिंसा के पुजारी थे, जिन्होंने देश को स्वतंत्रता दिलाने में अद्वितीय योगदान दिया। उनका जीवन दर्शन आज भी पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शक है। उन्होंने सभी को गांधी जी के बताए गए आदर्शों जैसे सत्य, अहिंसा, सादगी और स्वदेशी को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी को याद करते हुए अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा कि शास्त्री जी ईमानदारी, सादगी और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक थे। उनका दिया गया नारा “जय जवान, जय किसान” आज भी प्रासंगिक है और हर भारतीय को प्रेरणा देता है।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने कहा कि गांधी जी और शास्त्री जी का जीवन हमें सिखाता है कि देशहित सर्वोपरि है और सादगी तथा ईमानदारी से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों और कार्मिकों से आग्रह किया कि वे दोनों महान विभूतियों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्ठा एवं समर्पण भाव से करें। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट के अधिकारी-कर्मचारी सहित कलेक्ट्रेट परिसर में अवस्थित समस्त कार्यालयों के अधिकारी, कार्मिक एवं सूचना विभाग के अधिकारी कार्मिकों ने भी गांधी जी एवं शास्त्री जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments