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Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डटिहरी झील प्रस्तावित रिंग रोड का ग्रामीणों ने किया विरोध

टिहरी झील प्रस्तावित रिंग रोड का ग्रामीणों ने किया विरोध

नई टिहरी। टिहरी झील के चारों तरफ प्रस्तावित रिंगरोड का ग्रामीणों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। 1200 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के निर्माण के विरोध के लिए रिंग रोड संघर्ष समित ने एक दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने रौलाकोट के भामेश्वर महादेव मंदिर में एक बैठक आयोजित की।
बैठक में ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि रिंग रोड चौड़ीकरण के नाम पर शासन-प्रशासन ग्रामीणों की अनुमति के बिना उनकी जमीनों और मकानों का अधिग्रहण कर रहा है। साथ ही सड़क चौड़ीकरण के नाम पर भी जमीनों के मुआवजे में भी ग्रामीणों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि वह पीडब्ल्यूडी, जिला प्रशासन, एसडीबी, पर्यटन विभाग के अधिकारियों को आदेश करें कि वह दोबारा से समिति के लोगों के साथ रिंग रोड के मामले में वार्ता करें, जिससे ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान हो सके। अगर कोई भी संबंधित अधिकारी ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो कोई भी ग्रामीण रिंग रोड सड़क चौड़ीकरण के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे। जिससे टिहरी झील के चारों तरफ 1200 करोड़ की लागत से बनने वाली रिंग रोड के निर्माण पर रोक लगेगी और इस राष्ट्रीय प्रोजेक्ट के निर्माण पर ग्रहण लग सकता है। ग्रामीणों ने कहा कि शासन प्रशासन इन मुख्य बिंदु पर एक आम बैठक करके ग्रामीणों से साथ वार्ता कर समस्याओं का समाधान करे। ग्रामीणों ने साफ कहा कि अगर जल्द यह मांग नहीं मानी जाती है तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों के संपत्ति का मुआवजा सर्किल रेट के आधार पर ही दिया जाएगा। रिंग रोड का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। कहीं पर अगर ग्रामीणों की समस्या है तो उनके साथ वार्ता कर समस्या हल की जाएगी।

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