Latest news
महाराज ने की नवनियुक्त राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट अब खुली मिठाई पर भी लिखनी होगी निर्माण और एक्सपायरी डेट, 26 अक्टूबर से उत्तराखंड में नया नियम लागू देहरादून में 23 अक्टूबर से ईवीएम की तकनीकी जांच, डीएम ने राजनीतिक दलों से मांगा सहयोग विधानसभा चुनाव को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन अलर्ट, नोडल अधिकारी तैनात डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने उत्तराखण्ड के राज्यपाल पद की शपथ ली चुनावी चिंता छोड़, विपक्ष अंतिम सत्र में सकारात्मक रुख के साथ करे प्रतिभागः महेंद्र भट्ट ऋतु खंडूड़ी भूषण की विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए जाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल राज्यपाल ने अपने जीवन पर आधारित पुस्तक ‘‘अनथक युयुत्सा’’ का विमोचन किया मुख्यमंत्री ने चम्पावत को दी लगभग 96 करोड़ रुपये की 16 विकास योजनाओं की सौगात मुख्यमंत्री से अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं के प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट

[t4b-ticker]

Tuesday, October 20, 2026
Homeउत्तराखण्डदेहरादून में 23 अक्टूबर से ईवीएम की तकनीकी जांच, डीएम ने राजनीतिक...

देहरादून में 23 अक्टूबर से ईवीएम की तकनीकी जांच, डीएम ने राजनीतिक दलों से मांगा सहयोग

देहरादून। विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जनपद देहरादून में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की प्रथम स्तरीय तकनीकी जांच (एफएलसी) 23 अक्टूबर 2026 से शुरू की जाएगी। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने सोमवार को ऋषिपर्णा सभागार में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर एफएलसी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से जांच प्रक्रिया के दौरान अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहयोग की अपील की।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया में ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच एक महत्वपूर्ण प्रारंभिक चरण है। इसके अंतर्गत मशीनों के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि उनके सुचारु एवं त्रुटिरहित संचालन को सुनिश्चित किया जा सके और डेटा रिकॉर्डिंग की विश्वसनीयता को लेकर किसी प्रकार की आशंका न रहे। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया निर्वाचन व्यवस्था की शुचिता, पारदर्शिता और ईवीएम की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि एफएलसी का कार्य पूरा होने के बाद ईवीएम का विधानसभा क्षेत्रवार रेंडमाइजेशन किया जाएगा। इसके पश्चात प्रेक्षक की उपस्थिति में सॉफ्टवेयर के माध्यम से मशीनों का पुनः रेंडमाइजेशन कर उन्हें बूथवार आवंटित किया जाएगा। इससे निर्वाचन प्रक्रिया में निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे 23 अक्टूबर से प्रारंभ होने वाली एफएलसी प्रक्रिया में अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें और पूरी प्रक्रिया का अवलोकन करें, ताकि निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं के प्रति सभी का विश्वास मजबूत हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, तहसीलदार सदर सुरेंद्र सिंह देव, जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र देवली सहित भाजपा के अरविंद जैन, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के जसविंदर सिंह एवं सुनील जायसवाल, सीपीआई (एम) के अनंत आकाश, बसपा के सत्यपाल, आम आदमी पार्टी के कमल राणा तथा निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments