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Thursday, July 23, 2026
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धर्मनगरी हरिद्वार में बारिश से सड़कें हुई जलमग्न

हरिद्वार। उत्तराखंड में हो रही मूसलाधार बारिश ने लोगों को घरों के अंदर कैद रहने पर मजबूर कर दिया है। हरिद्वार के रानीपुर मोड़ और भगत सिंह चौक पानी से जलमग्न हो गये हैं। सड़कें पानी से लबालब भरी हैं। सड़कों पर कई फीट पानी भरा है। वाहनों को कई फीट पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। खास बात है कि इसी मार्ग से जिला मुख्यालय जाया जाता है।
रविवार रात से हुई बारिश ने सोमवार की सुबह हरिद्वार को पानी-पानी कर दिया। सबसे ज्यादा बुरे हालात रानीपुर मोड़ पर देखने को मिले हैं। रानीपुर मोड़ पर सड़कों पर इतना पानी भरा गया कि लोगों का वहां से निकलना भी मुश्किल हो गया। कई वाहन पानी में फंस गए। रानीपुर मोड़ के अलावा चंद्राचार्य चौक, भगत सिंह चौक, कनखल के कई क्षेत्र जैसे देश रक्षक तिराहा और मोती बाजार में हर जगह पानी ही पानी नजर आया। सड़कों पर कई फीट तक पानी भरा हुआ है। ये वो तमाम मार्ग हैं, जहां पर बारिश के बाद इस तरह के हालात अक्सर बनते हैं। लेकिन आज तक इन इलाकों में पानी निकासी का कोई समाधान नहीं निकला है।
हरिद्वार में हुई भारी बारिश के दृष्टिगत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान तहसील मुख्यालय एवं ब्लॉक मुख्यालय के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े रहे। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों, तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अलर्ट रहे और किसी भी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है, तो ऐसे क्षेत्रों में जल निकासी के लिए तत्परता से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने ये भी निर्देश दिए है कि भारी वर्षा के कारण कोई सड़क मार्ग अगर अवरुद्ध एवं क्षतिग्रस्त हो जाता है तो उसको आवाजाही हेतु तत्काल सुचारू किया जाए। जिलाधिकारी ने पतंजलि फेस 1 के समीप हो रहे जलभराव की निकासी के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट रुड़की को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग,पंचायती राज एवं बाल विकास सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि भारी वर्षा के कारण यदि कोई स्कूल भवन, आंगनवाड़ी केंद्र, पंचायत घर और उनके अधीन संचालित कोई परियोजना क्षतिग्रस्त हो जाती है तो उस पर व्यय होने वाली धनराशि का आकलन प्रस्ताव तत्परता से जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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