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Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डप्रवासी उत्तराखण्डियों से संवाद का सशक्त मंच बना ‘उत्तराखण्ड महोत्सव रोहिणी-02’

प्रवासी उत्तराखण्डियों से संवाद का सशक्त मंच बना ‘उत्तराखण्ड महोत्सव रोहिणी-02’

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली के रोहिणी में ‘हम सबका उत्तराखण्ड’ संस्था द्वारा आयोजित ‘उत्तराखण्ड महोत्सव रोहिणी सीजन-02’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखण्डी, लोक कलाकार, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहीं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लोक कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपराओं एवं लोक विरासत को समर्पित इस आयोजन की सराहना की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा ‘उत्तराखण्ड के सितारे’ सम्मान से सुप्रसिद्ध सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सौरभ जोशी, हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य एवं वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मनोज गोरखेला तथा लोक गायिका कल्पना चौहान को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजन लोक कलाकारों को मंच और सम्मान देने के साथ-साथ समाज को सेवा और संस्कारों की भावना से भी जोड़ते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तराखण्ड की लोक संस्कृति आज भी अपने गीतों, वेशभूषा और परंपराओं के माध्यम से जीवंत है तथा देश-विदेश में रहने वाले उत्तराखण्डी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से गहराई से जुड़े हुए हैं। उन्होंने यह उल्लेख किया कि पारंपरिक गीत-संगीत और वेशभूषा के माध्यम से राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान स्पष्ट रूप से सामने आती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए विशेष महत्व रखते हैं, क्योंकि इससे बच्चों और युवाओं में अपनी बोली, संस्कृति और परंपराओं के प्रति गर्व की भावना विकसित होती है। लोकनृत्य और लोकगीत राज्य की सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने देवभूमि उत्तराखण्ड को आस्था, तप, त्याग और साधना की भूमि बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगा-यमुना एवं आदि कैलाश जैसे पवित्र स्थलों के कारण विश्वभर में विशेष पहचान रखता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि स्वयं पहाड़ से जुड़े होने के कारण लोकसंस्कृति उनकी जीवनशैली और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा रही है, इसी सोच के साथ राज्य सरकार संस्कृति को विकास से जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है।
महिला सशक्तिकरण पर बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लखपति दीदी योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड से राज्य के उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की गुणवत्ता की उन्होंने विशेष सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड ने सीमित संसाधनों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, बजट, बिजली उत्पादन और स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर सुधार हुआ है। पलायन रोकने, किसानों की आय बढ़ाने और युवाओं को रोजगार देने में राज्य को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि सख्त कानूनों, पारदर्शी शासन और समान नागरिक संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में सुशासन स्थापित हुआ है। प्रधानमंत्री द्वारा बताए गए “उत्तराखण्ड का दशक” को साकार करने के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम में संस्था पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कलाकार एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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