Latest news
पुल के अधूरे निर्माण से बनी बाढ़ की स्थिति, गुस्साए लोगों ने एई के मुंह पर पोती मिट्टी अल्मोड़ा भाजपा ने तैयार किया सेवा और संगठन की मजबूती का रोडमैप गढ़वाल सभा का दस दिवसीय उत्तराखंड कौथिग 24 अक्टूबर से दून में होगा प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने लिया मुख्यमंत्री आवास घेराव कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून में सर्राफ मंडल की एग्जीबिशन का किया अवलोकन हरितालिका तीज उत्सव को सरकारी स्तर पर और अधिक भव्य रूप से आयोजित किया जाएगाः सीएम युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी परिवर्तनकारी शक्तिः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए 97 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति आवारा पशुओं पर डीएम सख्त, सर्वे कर पोर्टल पर अपलोड होगा पूरा डेटा डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ ईवीएम वेयरहाउस का किया निरीक्षण

[t4b-ticker]

Monday, September 7, 2026
Homeउत्तराखण्डराज्यपाल ने रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम...

राज्यपाल ने रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने शुक्रवार को ओएसिस स्कूल, रायपुर, देहरादून में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘‘परीक्षा पे चर्चा-2026’’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ‘‘परीक्षा पे चर्चा’’ न केवल छात्रों की शंकाओं का समाधान करता है, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों को भी सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परीक्षा को बोझ न समझें, बल्कि इसे अपने ज्ञान और क्षमताओं को परखने का अवसर मानें। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि दूसरों से नहीं, बल्कि स्वयं से बेहतर बनने की प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति केवल सपने देखने से नहीं होती, बल्कि स्पष्ट उद्देश्य, दृढ़ संकल्प, अनुशासन और निरंतर प्रयास से संभव होती है। इच्छाशक्ति को निरंतर कर्म से जोड़ना ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि सोचने, समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता को विकसित करने का अवसर है। प्रश्न को ठीक से समझना बहुत आवश्यक है, क्योंकि जब प्रश्न स्पष्ट होता है, तभी उत्तर भी सही और सार्थक होता है।
राज्यपाल ने विद्यार्थियों से अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलकर चुनौतियों को स्वीकार करने का आह्वान किया और कहा कि कठिन परिश्रम से ही आत्मविश्वास का निर्माण होता है। उन्होंने कर्म और कर्तव्य को जीवन का मूल आधार बताते हुए कहा कि प्रत्येक कर्म उसका परिणाम अवश्य देता है। उन्होंने कहा कि जीवन की वास्तविक प्रतिस्पर्धा दूसरों से नहीं, बल्कि स्वयं को हर दिन बेहतर बनाने से होती है। यही सोच व्यक्ति को जिम्मेदार नागरिक बनाती है और राष्ट्र निर्माण में उसकी भागीदारी सुनिश्चित करती है। इस कार्यक्रम में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, निदेशक एससीईआरटी वंदना गर्ब्याल, स्कूल के चेयरमैन राकेश ओबेरॉय, निदेशक राघव ओबेरॉय, प्रधानाचार्य संजीव बाटला तथा स्कूल के विद्यार्थी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments