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Thursday, October 15, 2026
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लिंगानुपात में संतुलन के लिए जरूरी है सामाजिक जागरूकता और बेटियों का सम्मानः डीएम

देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चैहान ने बुधवार को ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए छात्रों को पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को लिंगानुपात में सुधार, भ्रूण लिंग परीक्षण की रोकथाम में सक्रिय भागीदारी के प्रति जागरूक करते हुए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि लिंगानुपात में असंतुलन समाज के समक्ष अनेक सामाजिक समस्याएं उत्पन्न करता है। लिंगानुपात में समानता सुनिश्चित करने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा पीसीपीएनडीटी एक्ट लागू किया गया है। इस अधिनियम के अंतर्गत भ्ूा्रण के लिंग का पता लगाने के उद्देश्य से प्रसवपूर्व लिंग परीक्षण कराना और लिंग चयन से संबंधित गतिविधियां प्रतिबंधित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिनियम का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों तथा संबंधित केंद्रों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस विषय में समाज को जागरूक करने और बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया।
लोकतंत्र में मतदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक मत लोकतंत्र की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मतदान नागरिकों को अपनी पसंद के जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार प्रदान करता है और देश के विकास की दिशा निर्धारित करने में सहायक होता है। उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में प्रत्येक व्यक्ति को अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए। युवाओं की भागीदारी लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सशक्त और समावेशी बनाने में महत्वपूर्ण है।
जिलाधिकारी ने विश्वविद्यालय के उन विद्यार्थियों को भी मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया, जिन्होंने अभी तक पंजीकरण नहीं कराया है। उन्होंने बताया कि पात्र नागरिक अपने क्षेत्र के बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क कर अथवा भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से प्रारूप-6 भरकर मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को आगामी चुनावों में अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने तथा अन्य लोगों को भी मतदान के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों से लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जिम्मेदार नागरिकता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

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