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Thursday, July 23, 2026
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सपनों को पंखः-मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सशक्तिकरण की प्रेरक मिसाल बनी विजिट

देहरादून। मुख्यमंत्री की प्रेरणा एवं देहरादून जिला प्रशासन के सतत, संवेदनशील और मानवीय प्रयासों के परिणामस्वरूप देहरादून स्थित राजकीय महिला कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र (नारी निकेतन) तथा बालिका निकेतन में निवासरत संवासिनियों और बालिकाओं को आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता एवं समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में निरंतर सशक्त किया जा रहा है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल के मार्गदर्शन एवं उनकी संवेदनशील पहल पर नारी निकेतन की संवासिनियों एवं बालिका निकेतन की बालिकाओं के लिए एक विशेष एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य केवल भ्रमण या मनोरंजन नहीं, बल्कि उन्हें सामाजिक वातावरण से जोड़कर आत्मविश्वास, अपनत्व और सकारात्मक सोच को सुदृढ़ करना रहा।
नारी निकेतन में निवासरत महिलाओं को क्रॉसरोड मॉल ले जाया गया, जहाँ उन्हें बहुचर्चित देशभक्ति फिल्म ‘बॉर्डर-2’ दिखाई गई। इसके उपरांत स्थानीय रेस्टोरेंट में स्नेहपूर्ण वातावरण में दोपहर का भोजन कराया गया तथा मॉल में स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का एक्सपोजर विजिट कराया गया। इस दौरान संवासिनियों के चेहरों पर झलकती प्रसन्नता, आत्मविश्वास और अपनत्व की अनुभूति इस बात का प्रमाण थी कि वे पुनः समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के लिए उत्साहित हैं। उनके मन-मस्तिष्क में एक नई आशा, नई शुरुआत और बेहतर भविष्य का संकल्प स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।
वहीं बालिका निकेतन की बालिकाओं को सिल्वर सिटी, पेसिफिक मॉल तथा राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन का ऐतिहासिक एवं शैक्षिक भ्रमण कराया गया। सिल्वर सिटी मॉल में बालिकाओं को देशभक्ति फिल्म दिखाई गई। भ्रमण के दौरान बालिकाओं के जलपान, सुरक्षा एवं देखरेख की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की गई। इस एक्सपोजर विजिट के माध्यम से बालिकाओं ने शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों का आनंद लेते हुए व्यावहारिक ज्ञान भी अर्जित किया।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि संरक्षण गृहों में निवासरत असहाय महिलाओं एवं अनाथ बालिकाओं को सामाजिक, शैक्षिक एवं सांस्कृतिक जागरूकता का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, जिससे वे आत्मसम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और सकारात्मक सोच के साथ अपने भविष्य का निर्माण कर सकें। उन्होंने कहा कि यदि इन महिलाओं और बालिकाओं को सम्मान, स्नेह और सामान्य सामाजिक वातावरण प्राप्त हो, तो उनका पुनर्वास अधिक प्रभावी, स्थायी और सार्थक बन सकता है। जिलाधिकारी ने यह भी आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन इसी भावना के साथ भविष्य में भी ऐसे संवेदनशील, मानवीय और प्रेरणादायी प्रयास करता रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा आयोजित यह एक्सपोजर विजिट न केवल संवासिनियों और बालिकाओं के चेहरों पर मुस्कान लेकर आया, बल्कि उनके सपनों को नई दिशा, नई उड़ान और नया विश्वास भी प्रदान कर गया। जिलाधिकारी के प्रयासों से यह पहल नारी निकेतन की संवासिनियों के मानसिक, सामाजिक एवं भावनात्मक सशक्तिकरण की दिशा में एक अनूठा और प्रेरणादायी उदाहरण बनी है। यह पहल टूटे विश्वासों को संजोने, बिखरी ज़िंदगियों को सहारा देने और नई शुरुआत का साहस जगाने की एक सशक्त एवं जीवंत कोशिश है। इस पूरे आयोजन के दौरान जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, नारी निकेतन की अधीक्षिका सोनल राणा सहित केंद्र का स्टॉफ उपस्थित रहा, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को सौहार्दपूर्ण, सुरक्षित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया।

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