Latest news
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस पर वैदिक ब्लिट्ज शतरंज प्रतियोगिता आयोजित पर्यटन मंत्री महाराज ने पवित्र बौख नाग धाम को पर्यटन स्थल घोषित किया चकराता में ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ कार्यक्रम का शुभारंभ आम महोत्सव में बोले मुख्यमंत्री धामी-किसान उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत, हरिद्वार बनेगा विकास की नई पह... मुख्यमंत्री धामी से मिलीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाली उत्तराखंड की महिला मुक्केबाज, मुख्यमं... जल जीवन मिशन की अधूरी परियोजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता से पूरी होंः डीएम कांवड़ यात्रा के सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन के लिए सभी तैयारियां समय से पूर्ण करेंः मुख्यमंत... मुख्यमंत्री ने हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के अंतर्गत 235 करोड़ रु की परियोजनाओं का किया भूमि पूजन एवं शिला... वन भूमि हस्तांतरण प्रकरणों का समय से करें निस्तारणः महाराज मुख्य सचिव ने उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक ली

[t4b-ticker]

Thursday, July 23, 2026
Homeउत्तराखण्डजनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह शुरू, 18 जुलाई तक चलेगा आयोजन

जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह शुरू, 18 जुलाई तक चलेगा आयोजन

रूद्रप्रयाग। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह का शुभारंभ हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि व जखोली तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में आयोजित कार्यक्रमोें में जनसंख्या वृद्धि से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों व जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा की गई। इस दौरान महिलाओं के शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित मातृत्व पर जोर देते हुए जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए परिवार नियोजन की स्थाई व अस्थाई सेवाओं का लाभ उठाने की अपील की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा राम प्रकाश ने बताया कि ”मां बनने की उम्र वही, जब तन और मन की तैयारी सही” थीम पर जनपद के समस्त विकयाखंडों में जागरूकता गोष्ठियों के आयोजन के साथ विश्व जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह का शुभारंभ हो गया। उन्होंने जनसंख्या स्थिरीकरण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा कि तेजी से बढ़ रही जनसंख्या से समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जिसके दृष्टिगत आने वाली पीढ़ी के सुखद भविष्य के लिए जनसंख्या स्थिरीकरण बेहद आवश्यक है। उन्होंने बताया कि 18 जुलाई तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह के तहत समस्त चिकित्सा इकाईयों में परिवार नियोजन सेवाएं, स्वास्थ्य शिक्षा व चिकित्सकीय परामर्श की सुविधाएं निःशुल्क प्रदान की जायेगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में आयोजित कार्यक्रमोें में जनसंख्या वृद्धि से होने वाले प्रतिकूल प्रभावों व जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि पहला बच्चा 20 वर्ष की उम्र के बाद हो, वो भी तब जब स्त्री तन व मन से स्वस्थ हो। साथ ही दो बच्चों में तीन वर्ष का अंतर रखने व बच्चों में अंतर रखने के लिए गर्भ निरोधक साधनों का उपयोग करने पर जोर दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन के साधन पुरूष नसबन्दी कराने पर 2000 रूपए व महिला नसबन्दी कराने पर 1400 रूपए, गर्भ निरोधक उपाय पीपीआईयूसीडी अपनाने पर 300 रूपए व प्रसव के बाद 7 दिन के भीतर नसबन्दी अपनाने पर रूपए 2200 की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। वहीं, विश्व जनसंख्या सप्ताह के तहत जनपद में 14-17 जुलाई को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अगस्त्यमुनि में, 15-18 जुलाई को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऊखीमठ में महिला नसबन्दी शिविर का आयोजन किया जायेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments