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Thursday, July 23, 2026
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डिग्री के साथ मानवता की सेवा का दायित्व भी है जुड़ाः जेपी नड्डा

देहरादून। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जॉलीग्रांट स्थित स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में क्रमशः मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। केंद्रीय मंत्री ने विभिन्न संकायों में डिग्री प्राप्त करने वाले 1001 छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दीक्षांत केवल एक शैक्षणिक पड़ाव नहीं, बल्कि जीवन की नई यात्रा की शुरुआत है। डिग्री के साथ मानव निर्माण और समाज के प्रति उत्तरदायित्व भी जुड़ा होता है। उन्होंने कहा कि अमृतकाल के अगले 25 वर्ष विकसित भारत के निर्माण के निर्णायक वर्ष होंगे, जिनमें आज के युवा साक्षी ही नहीं, कर्ताधर्ता भी बनेंगे। प्राप्त शिक्षा का उपयोग मानवता, गरीब और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए करने का आह्वान उन्होंने किया।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान मानव सेवा, चिकित्सा और शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की मजबूत और स्थिर अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य क्षेत्र में उपलब्धियों, आयुष्मान भारत योजना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में सुधार, टीबी-मलेरिया-डायरिया उन्मूलन में प्रगति और कैंसर के अर्ली डिटेक्शन जैसी पहलों को रेखांकित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबोधन करते हुए सभी डिग्री प्राप्तकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय ने शिक्षा, चिकित्सा और जनसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना, टेलीमेडिसिन, पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में केंद्र सरकार और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री का उल्लेखनीय सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री मोदी के उत्तराखंड के तीसरे दशक” की अवधारणा के अनुरूप उत्तराखंड में विकास कार्य संपादित किया जा रहे हैं। उन्होंने रिवर्स पलायन, राज्य के जल- जंगल बचाने के लिए लिए गए ठोस निर्णयों, दूरस्थ क्षेत्रों तक सड़क-बिजली-इंटरनेट कनेक्टिविटी की पहुंच, पर्यटन विकास, एसडीजी रैंकिंग, मत्स्य विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों की से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और संवेदनशीलता का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें, ताकि उनके कार्यों में करुणा, मानवता और सेवा की भावना स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो।
राज्य के शिक्षा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि आज स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तराखंड मानव संसाधन से लेकर और संरचनात्मक सभी स्तर पर बेहतर कार्य कर रहा है और केंद्र सरकार से उत्तराखंड को स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास में लगातार अनुकरणीय सहयोग मिलता रहा है। उन्होंने स्वामी राम हिमालयन संस्थान के उत्तराखंड में स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे योगदान की सराहना की। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. विजय धस्माना ने शिक्षा को केवल डिग्री मात्र नहीं बल्कि आत्मज्ञान, सशक्तिकरण और परिवर्तन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य फोकस मानव सेवा और नैतिकता के माध्यम से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है। इस अवसर पर सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजेंद्र डोभाल, प्रबंधन, शिक्षकगण, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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