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Sunday, September 6, 2026
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राज्यपाल ने कसार देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की

नैनीताल/अल्मोड़ा। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने प्रसिद्ध कसार देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा समस्त मानव कल्याण के लिए कामना की। राज्यपाल ने यहां ध्यान भी लगाया और इस शांत एवं दिव्य स्थान की प्रशंसा की। इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि वह स्वयं को भाग्यशाली समझते हैं, कि उनको पुनः कसार देवी मंदिर आने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यहां आकर एक अलग ही शांति का अहसास होता है। यह स्थान अपने आप में बहुत अलौकिक है। यहां की दिव्यता एवं शांति लोगों को आकर्षित करने वाली है। स्वामी विवेकानंद जी जैसे महान व्यक्तित्व ने यहां आकर ध्यान लगाया था, यह इस क्षेत्र की दिव्यता आध्यात्मिकता का प्रमाण है। यहां की प्राचीन परंपराएं एवं गाथाएं मंत्रमुग्ध कर देने वाली हैं।
राज्यपाल ने देश-विदेश के पर्यटकों से अपील की है कि वे यहां जरूर आएं और इस स्थान की दिव्यता का अनुभव करें। अल्मोड़ा में जागेश्वर धाम, गोलू मंदिर, कटारमल जैसे कई अन्य प्रसिद्ध पर्यटक स्थल हैं। राज्यपाल ने कहा कि पर्यटकों को यहां आकर इन क्षेत्रों के आध्यात्मिक और पौराणिक महत्व को जानना चाहिए। यहां आकर एक अलग ही अनुभूति का अहसास होता है। इसके उपरांत राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने अल्मोड़ा जनपद के काकड़ीघाट स्थित ऐतिहासिक ज्ञानवृक्ष (पीपल) पर जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात उन्होंने कर्कटेश्वर मंदिर में भी दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
राज्यपाल ने कहा कि काकड़ीघाट एक अद्भुत ऊर्जा और शांति से परिपूर्ण स्थान है। यहां आकर आत्मिक शांति और विवेकानन्द जी के विचारों को आत्मसात करने का अनुभव प्राप्त हुआ। राज्यपाल ने कहा कि हर स्थान की अपनी एक विशिष्ट पहचान होती है। यहां आकर स्वामी विवेकानन्द जी की उस ऐतिहासिक साधना स्थली को देखने और अनुभव करने का सौभाग्य मिला। यह गर्व का विषय है कि जिस वृक्ष के नीचे उन्होंने ध्यान लगाया था, उसे वैज्ञानिक विधियों से पुनर्जीवित किया गया है। इस अवसर पर जिलाधिकारी आलोक कुमार पांडेय, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, तहसीलदार ज्योति धपवाल समेत मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।

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