Latest news
उत्तराखण्ड में एसआईआर की शुरुआत, राज्यपाल, मुख्यमंत्री ने भरे गणना फार्म सेतु आयोग के सीईओ ने राज्य के दीर्घकालिक आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन से संबंधित विषयों पर की चर्चा समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं 194 जन शिकायतें, समयबद्ध निस्तारण के दिए सख्त निर्देश कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था पर नगर आयुक्त ने कसी नकेल विकसित भारत-2047 के संकल्प को पूरा करने में सबका सहयोग जरूरीः मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सच हो रहा विकसित भारत का संकल्पः सीएम मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सीएम धामी को सौंपा गणना फॉर्म सीएम ने जौनसार बावर लोक सांस्कृतिक महोत्सव एवं क्रीड़ा समारोह में प्रतिभाग किया नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डलखवाड़-व्यासी परियोजनाः अधिग्रहित भूमि पर बसी परिसम्पति मूल्यांकन कार्य 10 दिन भीतर...

लखवाड़-व्यासी परियोजनाः अधिग्रहित भूमि पर बसी परिसम्पति मूल्यांकन कार्य 10 दिन भीतर हो पूर्ण

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में लखवाड़-व्यासी जल विद्युत परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना से प्रभावित हितधारकों, संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लखवाड़ व्यासी परियोजना राज्य देश तथा मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में से एक प्रोजेक्ट है, प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने में हम सबकी भूमिका अत्यंत गहन है। जिलाधिकारी ने मुआवजा वितरण की प्रगति प्रभावित परिवारों को देय भूमि, भवन एवं अन्य परिसंपत्तियों के मुआवजे के वितरण की स्थिति की विस्तार से जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए की मुआवजे अनुग्रह राशि का भुगतान टाइमबांड करें। साथ ही निर्देशित किया जिन सम्पत्तियों के मूल्यांकन नही हुआ है अथवा प्रभावितों को आपत्ति है तो शिड्यूल निर्धारित करते हुए परिसम्पतियो का मूल्यांकन किया जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सम्बन्धित विभागों के अधिकारी स्थानीय स्तरपर सप्ताह में 01 दिन कैम्प लगाकर 1 छत के नीचे बैठकर आपत्तियों का निस्तारण करेंगे। प्रभावितों ने अनुरोेेेध किया कई परिवार ऐसे हैं जिनका वर्ष 2023 मार्च से पूर्व पृथक थे तथा पोर्टल पर आनलाईन मार्च 2023 के उपरान्त अद्यतन हुए जिनको 2023 के उपरान्त पृथक परिवार माना जा रहा है जिससे मुआवजा में पात्र नही हो पा रहे जिस पर जिलाधिकारी प्रस्ताव शासन को प्रेषित करने की बात कही।
जिलाधिकारी ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी को निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों के मुआवजे का भुगतान समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने परियोजना प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी एवं अचल परिसंपत्तियों के आकलन के कार्य कैम्प लगाकर परिसंपत्ति मूल्यांकन पूर्ण पारदर्शिता के साथ तेजी से पूरा कराया जाए ताकि भुगतान प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की देरी न हो। प्रभावित परिवारों/व्यक्तियों को दी जाने वाली अनुग्रह अनुदान राशि के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समस्त वित्तीय सहायता तत्काल प्रभाव से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना की राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय महत्व को देखते हुए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। बैठक में उपस्थित प्रभावितों ने मुआवजा, स्थानांतरण, पुनर्वास तथा अन्य स्थानीय मुद्दों से संबंधित अपने सुझाव व समस्याएँ जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक मुद्दे पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश प्रदान किए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी प्रक्रियाएँ नियमों के अनुरूप और पारदर्शी ढंग से संचालित की जाएंगी। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि लखवाड़-व्यासी जल विद्युत परियोजना राज्य के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है, और इसके सफल एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक कदम निरंतर उठाए जाते रहेंगे। बैठक में अपर जिलाधिकारी के.के मिश्रा, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी विकासनगर विनोद कुमार, आईएम कराती जीएम यूजीवीएनएल, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओपी सिंह, लाखामंडल जलकल्याण समिति जगमोहन सिंह चौहान, महासचिव स्वराज सिंह तोमर, अन्य प्रभावित व सम्बन्धित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments