Latest news
पं. गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों को आत्मसात कर जनसेवा के दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंः डीएम सैनिक जीवन भर सैनिक ही रहता है,वो पूर्व और भूतपूर्व नही होताः धामी भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की मां अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना युवा शक्ति के सामर्थ्य से बनेगा विकसित उत्तराखंडः मुख्यमंत्री धामी भारतरत्न पं. गोविन्द बल्लभ पन्त को उनकी जयंती पर ऊर्जा भवन में याद किया गया डिजिटल डिवाइड डेटा ने देहरादून में एआई और रोबोटिक्स ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर खोला सीएम ने हल्द्वानी स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर अमर शहीदों को किया नमन नशा मुक्ति अभियान का शुभांरभ, 30 सितंबर तक चलेगा नशामुक्ति का विशेष शपथ अभियान 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, समझौते से होगा मामलों का त्वरित निस्तारण ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को मिलेगी नई गतिः डॉ. धकाते

[t4b-ticker]

Sunday, September 13, 2026
Homeउत्तराखण्डसब रजिस्टार कार्यालय विकासनगर में डीएम का औचक निरीक्षण; पुराने विलेख पत्र...

सब रजिस्टार कार्यालय विकासनगर में डीएम का औचक निरीक्षण; पुराने विलेख पत्र रजिस्टर जब्त

देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय विकासनगर में औचक निरीक्षण किया। डीएम की छापेमारी के दौरान गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। जिलाधिकारी द्वारा आज सब-रजिस्ट्रार कार्यालय, विकासनगर में औचक निरीक्षण/छापेमारी की गई। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। औचक निरीक्षण के दौरान वर्ष 2018, 2024 एवं 2025 तक के मूल विलेख पत्र कार्यालय में संदिग्ध स्थिति में पाए गए, जिन्हें तत्काल कब्जे में लेते हुए जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि विक्रय हेतु प्रतिबंधित भूमि की रजिस्ट्री किए जाने के मामले भी पाए गए हैं, जो कि नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इसके अतिरिक्त, जांच में धारा 47-ए के अंतर्गत स्टांप शुल्क की चोरी से संबंधित 47 प्रकरण भी चिन्हित किए गए हैं। यह वित्तीय अनियमितता का गंभीर मामला है, जिस पर नियमानुसार विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान कार्यालय संचालन में पारदर्शिता की कमी, अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही तथा प्रक्रियात्मक नियमों के उल्लंघन जैसी अन्य अनियमितताएं भी पाई गईं। इन सभी बिंदुओं पर विस्तृत जांच करते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक समग्र रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे शासन को प्रेषित किया जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्तमान एवं पूर्व में तैनात सभी सब-रजिस्ट्रार के कार्यकाल के दौरान हुई समस्त गतिविधियों की गहन जांच की जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, डीजीसी नितिन वशिष्ठ, तहसीलदार विकास नगर विवेक राजौरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी कार्मिक उपस्थित रहे।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments