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Tuesday, November 3, 2026
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दालचीनी विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का शुभारंभ

देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गुरुवार को सेलाकुई स्थित परफ्यूमरी एवं सगंध अनुसंधान एवं विकास संस्थान में दालचीनी विषयक दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार एवं कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कार्यशाला की स्मारिका का भी विमोचन किया। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य में सगंध खेती को बढ़ावा देने के लिए महक क्रांति नीति 2026 लागू की गई है। इसके तहत 23 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सगंध खेती से आच्छादित कर 91 हजार किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि चम्पावत और नैनीताल में लगभग 5200 हेक्टेयर क्षेत्र में “सिनेमन वैली” विकसित की जा रही है, जिससे किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर सृजित होंगे। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड में एरोमा एवं औषधीय पौधों के क्षेत्र को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों एवं योजनाओं के माध्यम से किसानों को सगंध खेती से जोड़कर उनकी आय बढ़ाने तथा उत्तराखण्ड को एरोमा हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि पहाड़ के दुर्गम क्षेत्रों एवं फॉरेस्ट लैंड में वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती के लिए अधिक से अधिक किसानों को जोड़कर प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि सगंध पौधा केंद्र ने पिछले दो दशकों में राज्य में सगंध खेती को नई पहचान दी है तथा यह सेमिनार दालचीनी की उन्नत खेती, अनुसंधान, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सेमिनार में प्रतिभाग कर रहे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय डेलीगेट्स को सम्मानित किया तथा औषधीय पौधों से निर्मित विभिन्न उत्पादों के स्टॉल का अवलोकन भी किया।
दालचीनीः प्रवर्धन, सतत खेती एवं कटाई उपरांत प्रौद्योगिकियों में नवाचार” विषय पर आयोजित इस सेमिनार में श्रीलंका, इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, किसान और उद्योग जगत के प्रतिनिधि प्रतिभाग कर रहे हैं। इस अवसर पर उपाध्यक्ष, राज्य औषधीय पादप बोर्ड प्रताप सिंह पंवार, उपाध्यक्ष, जडी-बूटी सलाहकार समिति सोना सजवाण, सचिव कृषि डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डे,अपर सचिव डॉ. आनंद श्रीवास्तव, निदेशक, संगध पौधा केन्द्र (कैप) डॉ. नृपेन्द्र चैहान, अध्यक्ष फफाई योगेश दूबे सहित विभिन्न देशों के रिसर्च एवं कृषकगण उपस्थित रहे।

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