Latest news
नंदा देवी बायोमॉनिटरिंग एक्सपीडिशन हिमालयी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहलः उनियाल न्याय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुलभ और सुदृढ़ बनाने में ‘‘जूडिशियम 2.0’’ महत्वपूर्ण पहलः मुख्यमंत्री देहरादून की 30 होनहार बेटियों को मिला नई उड़ान का अवसर एसआईआर की शुरुआत, सोमवार से मतदाताओं को बीएलओ घर-घर बांटेंगे गणना फार्म कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसानों से वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आह्वान नरेंद्रनगर पालिका चुनाव का प्रचार थमा, मंत्री सुबोध उनियाल ने भाजपा सभासद प्रत्याशियों के समर्थन में... अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन को तैयारियां तेज स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति, हैंडओवर की स्थिति एवं संचालन-अनुरक्षण कार्यों की डीएम ने की समीक्... उत्तरांचल प्रेस क्लब के स्वास्थ्य शिविर में 142 पत्रकारों ने कराया स्वास्थ्य परीक्षण उत्तराखण्ड में बीएलओ को मिलेगा एक माह के मोबाइल रिचार्ज का भुगतान

[t4b-ticker]

Monday, June 8, 2026
Homeउत्तराखण्डदेहरादून में महिलाओं के हृदय स्वास्थ्य पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 21 और...

देहरादून में महिलाओं के हृदय स्वास्थ्य पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 21 और 22 फरवरी को

देहरादून। हृदय रोग विशेषज्ञों की संस्था ’कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया’ के उत्तराखंड चैप्टर के तत्वावधान में 21 और 22 फरवरी 2026 को देहरादून में महिलाओं से संबंधित हृदय संबंधी समस्याओं पर केंद्रित एक दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख डॉक्टर भाग लेंगे।
कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रो. सत्येंद्र तिवारी ने आज प्रेस क्लब देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि सीएसआई की एक पहल ’पिंक काउंसिल’ ने आधिकारिक तौर पर ’विमेंस हार्ट हेल्थ इनिशिएटिव’ शुरू किया है। यह एक राष्ट्रीय आंदोलन है जिसका उद्देश्य महिलाओं में हृदय रोगों के बढ़ते लेकिन कम पहचाने जाने वाले बोझ को दूर करना है।
पिंक काउंसिल की राष्ट्रीय संयोजक प्रो. रूपाली खन्ना ने कहा कि महिलाओं की मृत्यु का प्रमुख कारण आज भी हृदय रोग ही है, फिर भी अक्सर इसका निदान और उपचार सही समय पर नहीं हो पाता है। भारतीय महिलाओं में अक्सर कम उम्र में ही हृदय संबंधी बीमारियाँ विकसित हो जाती हैं, जिनमें मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसे जोखिम कारक अधिक पाए जाते हैं। यह पहल शुरुआती रोकथाम, लिंग-विशिष्ट जोखिम कारकों की पहचान और बहु-विषयक देखभाल (जैसे गर्भावस्था से संबंधित हृदय रोग) पर केंद्रित है। आयोजन सचिव डॉ. प्रीति शर्मा ने बताया कि इस 2-दिवसीय सम्मेलन का उद्देश्य महिला-केंद्रित शोध को बढ़ावा देना, उनके स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा करना और जनता को शिक्षित करना है ताकि महिलाओं को समय पर और समान रूप से हृदय संबंधी देखभाल मिल सके। आयोजन अध्यक्ष डॉ. भानु दुग्गल ने कहा कि ’पिंक काउंसिल कॉन्फ्रेंस’ न केवल वैज्ञानिक आदान-प्रदान का एक मंच है, बल्कि महिलाओं की हृदय देखभाल में सुधार के लिए भारत भर के प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञों के साथ सहयोग करने का एक अवसर भी है।

RELATED ARTICLES
- Advertisment - 

Most Popular

Recent Comments